
Holi Accident: Holi हुड़दंग में बढ़े हादसे, दिल्ली के बड़े अस्पतालों में पहुंचे सैकड़ों घायल
नई दिल्ली में रंगों के पर्व Holi के दौरान राजधानी के बड़े सरकारी अस्पतालों में घायल मरीजों की संख्या में अचानक भारी बढ़ोतरी दर्ज की गई। त्योहार के दिन मारपीट, सड़क दुर्घटनाओं और नशे की हालत में गिरने-फिसलने की घटनाओं के चलते सैकड़ों लोग अस्पतालों में इलाज के लिए पहुंचे। प्रमुख अस्पतालों के आंकड़े बताते हैं कि सामान्य दिनों की तुलना में इस दिन दुर्घटनाओं और हिंसा से जुड़े मामलों में तेज उछाल देखने को मिला।
दिल्ली के AIIMS Delhi स्थित जय प्रकाश नारायण अपैक्स ट्रॉमा सेंटर के प्रमुख डॉ. कामरान फारुख के अनुसार, होली के दिन ट्रॉमा सेंटर में कुल 343 घायल मरीज पहुंचे। इनमें से 115 मामले मारपीट या शारीरिक हमले से जुड़े थे, जबकि 120 लोग सड़क दुर्घटनाओं में घायल होकर अस्पताल लाए गए। इसके अलावा नशे की हालत में गिरने और फिसलने के 99 मामले सामने आए। इनमें से करीब 50 से 75 प्रतिशत मरीजों के शराब या अन्य नशे के प्रभाव में होने की पुष्टि हुई। वहीं अन्य कारणों से 9 मरीजों को भर्ती किया गया।
इसी तरह पूर्वी दिल्ली के Guru Teg Bahadur Hospital में भी होली के दिन मेडिको-लीगल मामलों में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई। अस्पताल के अतिरिक्त चिकित्सा अधीक्षक डॉ. प्रवीण कुमार के मुताबिक, त्योहार के दिन कुल 146 एमएलसी दर्ज किए गए। इनमें लगभग 50 प्रतिशत मामले मारपीट से जुड़े थे, जबकि करीब 25 प्रतिशत मामले सड़क दुर्घटनाओं के थे। करीब 10 प्रतिशत मामलों में लोग नशे की हालत में गिरने या फिसलने से घायल हुए। इसके अलावा 6 प्रतिशत मामले फूड पॉइजनिंग के सामने आए, जबकि 9 प्रतिशत मामलों को अन्य श्रेणियों में दर्ज किया गया।
दक्षिण दिल्ली के Safdarjung Hospital में भी स्थिति लगभग इसी तरह की रही। अस्पताल की प्रवक्ता पूनम ढांडा के अनुसार, होली के दिन कुल 102 मेडिको-लीगल केस दर्ज किए गए। उन्होंने बताया कि सामान्य दिनों की तुलना में घावों पर टांके लगाने यानी स्यूचरिंग के मामलों में औसतन चार गुना वृद्धि दर्ज की गई। यह दर्शाता है कि त्योहार के दौरान झगड़ों और तेजधार वस्तुओं से लगी गंभीर चोटों के मामले अधिक सामने आए।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि होली जैसे बड़े त्योहारों के दौरान शराब और अन्य नशे का अत्यधिक सेवन, तेज रफ्तार में वाहन चलाना और आपसी विवादों के कारण हिंसा और दुर्घटनाओं की घटनाएं बढ़ जाती हैं। डॉक्टरों ने लोगों से अपील की है कि त्योहारों के दौरान संयम बरतें, नशे से बचें और सुरक्षित तरीके से उत्सव मनाएं ताकि खुशियों का यह पर्व किसी दुर्घटना या दुखद घटना में न बदल जाए।




