Himachal Tourism Development: हिमाचल में ‘व्यवस्था परिवर्तन’ से पर्यटन को नई दिशा, जल-पर्यटन और इको-टूरिज़्म बढ़े

Himachal Tourism Development: हिमाचल में ‘व्यवस्था परिवर्तन’ से पर्यटन को नई दिशा, जल-पर्यटन और इको-टूरिज़्म बढ़े
शिमला, 14 जनवरी 2026: हिमाचल प्रदेश की वर्तमान कांग्रेस सरकार पर्यटन क्षेत्र को नई पहचान देने के लिए ‘व्यवस्था परिवर्तन’ की अवधारणा को साकार कर रही है। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने कहा कि पर्यटन अब केवल मनोरंजन का साधन नहीं, बल्कि पर्यावरण संरक्षण, स्थानीय आजीविका और सतत आर्थिक विकास से जुड़ा हुआ है।
सुक्खू ने बताया कि पूर्व बीजेपी सरकार के दौरान राज्य के विशाल जल संसाधनों और पर्यटन संभावनाओं को नजरअंदाज किया गया। इसके विपरीत, वर्तमान सरकार ने जल-पर्यटन और इको-पर्यटन को विकास के प्रमुख स्तंभों के रूप में अपनाया है। पोंग डैम झील, जो अंतरराष्ट्रीय महत्व का ‘रामसर वेटलैंड’ क्षेत्र है, अब पक्षी-दर्शन और पर्यावरणीय शिक्षा का केंद्र बन रही है। नव विकसित सुविधाओं में शिकारों की सवारी, तैरते हुए पक्षी-दर्शन मंच और गाइडेड बर्ड-वॉचिंग टूर शामिल हैं।
गोबिंद सागर झील और तत्तापानी जैसे स्थल आधुनिक जल-पर्यटन केंद्रों में बदल दिए गए हैं। इन क्षेत्रों में शिकारा, स्पीड बोटिंग, हाउसबोट, जेट-स्की और वॉटर स्कूटर जैसी गतिविधियों ने पर्यटन को बढ़ावा दिया और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूत किया।
कांग्रेस सरकार ने इको-पर्यटन नीति के तहत 77 नए स्थलों का विकास शुरू किया है। मुख्यमंत्री पर्यटन स्टार्ट-अप योजना के माध्यम से होम-स्टे, होटल और फूड वैन जैसे उद्यमों को प्रोत्साहित कर स्थानीय युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने का प्रयास कर रही है।
सुक्खू ने कहा कि हिमाचल में हो रहे परिवर्तन स्पष्ट रूप से पूर्ववर्ती बीजेपी सरकार की निष्क्रियता और विफल नीतियों से अलग हैं। आज पर्यटन केवल राजस्व का साधन नहीं बल्कि पर्यावरण संरक्षण, सामाजिक सशक्तिकरण और सतत विकास का मॉडल बन रहा है।
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