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Heat Health Alert: गर्मी में कोल्ड ड्रिंक और चिप्स का कॉम्बिनेशन बढ़ा सकता है डिहाइड्रेशन का खतरा, AIIMS की चेतावनी

Heat Health Alert: गर्मी में कोल्ड ड्रिंक और चिप्स का कॉम्बिनेशन बढ़ा सकता है डिहाइड्रेशन का खतरा, AIIMS की चेतावनी

भीषण गर्मी में राहत के लिए लोग अक्सर कोल्ड ड्रिंक और चिप्स का सहारा लेते हैं, लेकिन स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार यह आदत शरीर के लिए नुकसानदायक साबित हो सकती है। AIIMS Delhi के डॉक्टरों ने चेतावनी दी है कि यह कॉम्बिनेशन गर्मी के मौसम में डिहाइड्रेशन, ब्लड शुगर असंतुलन और यहां तक कि हीट स्ट्रोक का खतरा भी बढ़ा सकता है।

विशेषज्ञों का कहना है कि कोल्ड ड्रिंक्स में मौजूद अधिक शुगर और कैफीन शरीर में पानी की कमी को बढ़ाते हैं, जबकि चिप्स या भुजिया में पाया जाने वाला अधिक नमक (सोडियम) शरीर से पानी खींचता है। इस तरह दोनों मिलकर शरीर को तेजी से डिहाइड्रेट कर देते हैं, जो गर्मी के मौसम में खतरनाक स्थिति पैदा कर सकता है।

डॉक्टरों के अनुसार, कोल्ड ड्रिंक के सेवन से ब्लड शुगर अचानक बढ़ती है, जिससे थोड़े समय के लिए ऊर्जा मिलती है, लेकिन इसके बाद शुगर तेजी से गिरती है। इससे कमजोरी, चक्कर और थकान महसूस हो सकती है, जो लू के मौसम में और ज्यादा खतरनाक हो जाती है।

इसके अलावा, चिप्स में मौजूद ट्रांस फैट और अत्यधिक नमक ब्लड प्रेशर को बढ़ा सकते हैं। गर्मी में शरीर पहले ही तापमान के दबाव में होता है, ऐसे में यह कॉम्बिनेशन दिल पर अतिरिक्त दबाव डाल सकता है और हृदय संबंधी जोखिम बढ़ा सकता है।

पाचन तंत्र पर भी इसका नकारात्मक असर पड़ता है। तले-भुने स्नैक्स और गैस वाले मीठे पेय के सेवन से गैस, एसिडिटी और पेट दर्द जैसी समस्याएं बढ़ सकती हैं, खासकर तब जब गर्मी के कारण पाचन पहले से कमजोर हो।

विशेषज्ञों ने सलाह दी है कि गर्मी के मौसम में इस तरह के कॉम्बिनेशन से बचना चाहिए और इसकी जगह स्वस्थ विकल्प अपनाने चाहिए। कोल्ड ड्रिंक के बजाय ओआरएस का घोल, नींबू पानी, छाछ या नारियल पानी लेना बेहतर है। वहीं चिप्स की जगह खीरा, सलाद, मौसमी फल या भुने चने जैसे हल्के और पौष्टिक खाद्य पदार्थों का सेवन करना चाहिए।

डॉक्टरों का कहना है कि दिनभर थोड़ी-थोड़ी मात्रा में पानी पीते रहना, हल्का भोजन करना और शरीर को ठंडा रखने वाले उपाय अपनाना ही गर्मी से बचाव का सबसे प्रभावी तरीका है। सही खानपान और सावधानी से ही हीट एक्सॉशन और हीट स्ट्रोक जैसे गंभीर खतरों से बचा जा सकता है।

 

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