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Haryana: 11 सालों में अमृत नहीं, ज़हर बन गया बीजेपी का शासन: हरियाणा की जनता आज भी गंदा पानी पीने को मजबूर – अनुराग ढांडा

Haryana: 11 सालों में अमृत नहीं, ज़हर बन गया बीजेपी का शासन: हरियाणा की जनता आज भी गंदा पानी पीने को मजबूर – अनुराग ढांडा

रिपोर्ट : कोमल रमोला

चंडीगढ़। आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी अनुराग ढांडा ने हरियाणा में गंभीर पेयजल संकट को लेकर बीजेपी सरकार पर करारा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में 11 साल से अधिक समय से बीजेपी की सरकार है, लेकिन इसके बावजूद आज भी लाखों लोग दूषित और जानलेवा पानी पीने को मजबूर हैं। यह सिर्फ प्रशासनिक विफलता नहीं, बल्कि हरियाणा की जनता के साथ किया गया 11 साल पुराना धोखा है, जिसका खामियाजा लोग अपनी सेहत से चुका रहे हैं।

अनुराग ढांडा ने सरकारी आंकड़ों का हवाला देते हुए बताया कि हरियाणा के 3500 से ज्यादा गांवों में आज भी पीने योग्य पानी उपलब्ध नहीं है। कई जिलों में पानी में नाइट्रेट, फ्लोराइड, आर्सेनिक और यूरेनियम जैसी खतरनाक मात्रा पाई गई है, जो सीधे मानव स्वास्थ्य के लिए घातक है। सोनीपत में आर्सेनिक, दक्षिण हरियाणा में फ्लोराइड, जबकि कई अन्य जिलों में नाइट्रेट और यूरेनियम की अधिकता सामने आई है। उन्होंने कहा कि विश्व स्वास्थ्य संगठन और भारत सरकार के मानकों के अनुसार पीने के पानी में टीडीएस की सुरक्षित सीमा 200 से 300 मिलीग्राम प्रति लीटर होनी चाहिए, लेकिन हरियाणा के कई गांवों और शहरों में लोगों को 1000 से 2000 टीडीएस तक का पानी पिलाया जा रहा है। यह पानी धीरे-धीरे शरीर को बीमार करता है और ब्लड प्रेशर, किडनी स्टोन, पेट की गंभीर बीमारियों, हड्डियों की कमजोरी और यहां तक कि कैंसर जैसी घातक बीमारियों का खतरा बढ़ाता है।

उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी सरकार अमृत योजना और जल जीवन मिशन के नाम पर करोड़ों और हजारों करोड़ रुपये खर्च करने का दावा करती है, लेकिन जमीनी हकीकत पूरी तरह उलट है। ये योजनाएं भ्रष्टाचार और लापरवाही की भेंट चढ़ चुकी हैं। चरखी दादरी और बाढड़ा जैसे इलाकों में करीब 90 करोड़ रुपये खर्च होने के बावजूद लगभग एक लाख लोग आज भी प्यासे हैं। हिसार, कैथल, कुरुक्षेत्र, भिवानी, सोनीपत और अंबाला जैसे जिलों में आज भी 50 से 60 साल पुरानी पाइपलाइनें इस्तेमाल हो रही हैं, जो सीवर और नालों के ऊपर से गुजरती हैं और सीधे गंदा पानी लोगों के घरों तक पहुंचा रही हैं। रेवाड़ी में तो हालात इतने बदतर हैं कि एसटीपी प्लांट से ही दूषित पानी छोड़े जाने की शिकायतें सामने आ चुकी हैं।

अनुराग ढांडा ने कहा कि जल जीवन मिशन के तहत हर घर नल से जल देने का बड़ा दावा किया गया, लेकिन सरकारी सर्वे खुद इसकी पोल खोल रहे हैं। कई जिलों में लोगों को रोजाना न्यूनतम 40 लीटर प्रति व्यक्ति पानी तक नहीं मिल पा रहा है। कहीं कवरेज आधी है, तो कहीं एक-तिहाई से भी कम। इसका साफ मतलब है कि योजनाएं कागजों में पूरी दिखाई जा रही हैं, जबकि जमीनी स्तर पर जनता गंभीर संकट से जूझ रही है।

उन्होंने मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी से सीधा सवाल करते हुए कहा कि 11 साल से ज्यादा समय तक सत्ता में रहने के बावजूद बीजेपी सरकार ने आखिर किया क्या। जब सरकार को यह मालूम है कि पानी के सैंपल लगातार फेल हो रहे हैं, तब भी न नियमित क्लोरीनेशन किया जा रहा है, न पुरानी पाइपलाइनें बदली जा रही हैं और न ही जिम्मेदार अधिकारियों पर कोई सख्त कार्रवाई हो रही है। मध्य प्रदेश में दूषित पानी से हुई मौतों के बावजूद हरियाणा सरकार आंख मूंदे बैठी है। क्या सरकार किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रही है।

अनुराग ढांडा ने कहा कि बीजेपी का 11 सालों का शासन हरियाणा की जनता के लिए अमृत नहीं, बल्कि ज़हर साबित हुआ है। इतने लंबे समय तक सत्ता में रहने के बाद भी अगर लोगों को साफ पीने का पानी नहीं मिल पा रहा, तो यह सरकार के पूरी तरह विफल होने का सबसे बड़ा प्रमाण है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि तुरंत हर शहर और गांव में शुद्ध, सुरक्षित और मानक के अनुसार पेयजल की व्यवस्था नहीं की गई, तो आम आदमी पार्टी जनता के साथ मिलकर प्रदेशव्यापी आंदोलन शुरू करेगी और हरियाणा की जनता के स्वास्थ्य और जीवन की रक्षा के लिए पूरी ताकत से लड़ाई लड़ेगी।

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