Guru Tegh Bahadur Shaheedi Diwas: दिल्ली सरकार ने 25 नवंबर को सार्वजनिक अवकाश घोषित किया, गुरु तेग बहादुर जी के 350वें शहीदी दिवस पर CM रेखा गुप्ता का बड़ा फैसला

Guru Tegh Bahadur Shaheedi Diwas: दिल्ली सरकार ने 25 नवंबर को सार्वजनिक अवकाश घोषित किया, गुरु तेग बहादुर जी के 350वें शहीदी दिवस पर CM रेखा गुप्ता का बड़ा फैसला
दिल्ली में 25 नवंबर को सभी सरकारी दफ्तर, स्कूल और संस्थान बंद रहेंगे क्योंकि दिल्ली सरकार ने इस दिन को गुरु तेग बहादुर जी के 350वें शहीदी दिवस के अवसर पर सार्वजनिक अवकाश घोषित किया है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने शनिवार को यह घोषणा करते हुए कहा कि यह अवकाश न केवल गुरु तेग बहादुर जी के सर्वोच्च त्याग को श्रद्धांजलि है, बल्कि भारत की धार्मिक स्वतंत्रता, मानवता और न्याय की रक्षा के प्रति उनके अटूट संकल्प को याद करने का अवसर भी है।
दिल्ली सरकार द्वारा जारी आधिकारिक विज्ञप्ति के अनुसार, इस निर्णय का उद्देश्य नागरिकों को गुरु साहिब की शहादत और उनके आध्यात्मिक संदेशों को समझने व आत्मसात करने का समय देना है। गुरु तेग बहादुर जी, जो सिखों के नौवें गुरु थे, ने 1675 में दिल्ली में अपने प्राणों का बलिदान दिया था। उस समय मुगल शासक औरंगजेब ने उन्हें इस्लाम स्वीकार करने का दबाव बनाया था, लेकिन गुरु साहिब ने दृढ़ता से अपने सिद्धांतों का पालन करते हुए धर्म परिवर्तन से इनकार कर दिया। अंततः उन्हें सार्वजनिक रूप से शहीद किया गया, जो भारतीय इतिहास का एक अमर अध्याय बन गया।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि गुरु तेग बहादुर जी का जीवन साहस, मानवता, धार्मिक समानता और न्याय का प्रतीक है। उन्होंने बताया कि गुरु साहिब केवल सिख समुदाय के पथप्रदर्शक नहीं थे, बल्कि सार्वभौमिक मानवीय मूल्यों के रक्षक थे। वह अत्याचार और धार्मिक उत्पीड़न के खिलाफ संघर्ष का सर्वोच्च उदाहरण हैं और आज भी उनका संदेश उतना ही प्रासंगिक है।
सीएम ने कहा कि गुरु तेग बहादुर जी की शिक्षाएं हमें एक न्यायपूर्ण, शांतिपूर्ण और समतामूलक समाज के निर्माण की प्रेरणा देती हैं। यह सार्वजनिक अवकाश केवल प्रशासनिक घोषणा नहीं, बल्कि दिल्ली सरकार की ओर से गुरु साहिब को नमन करने का एक विनम्र प्रयास है। उन्होंने दिल्लीवासियों से अपील की कि वे 25 नवंबर को श्रद्धा, एकता, करुणा और सेवा भाव के साथ मनाएं और गुरु साहिब के आदर्शों को अपने जीवन में शामिल करें।
गुरु तेग बहादुर जी का शहादत दिवस भारतीय इतिहास और आध्यात्मिक धरोहर का महत्वपूर्ण हिस्सा है, और दिल्ली सरकार का यह फैसला आने वाली पीढ़ियों को त्याग, सत्य और धार्मिक स्वतंत्रता के महत्व को समझाने में सहायक होगा।





