Greater Noida: महाशिवरात्रि पर कुट्टू का आटा खाने से ग्रेटर नोएडा वेस्ट की 5 सोसाइटियों में 150 से ज्यादा लोग बीमार

Greater Noida: महाशिवरात्रि पर कुट्टू का आटा खाने से ग्रेटर नोएडा वेस्ट की 5 सोसाइटियों में 150 से ज्यादा लोग बीमार
Noida। महाशिवरात्रि के अवसर पर व्रत में खाया गया कुट्टू का आटा ग्रेटर नोएडा वेस्ट की पांच सोसाइटियों के निवासियों पर भारी पड़ गया। इको विलेज-3, हिमालया प्राइड, समृद्धि ग्रैंड, रॉयल कोर्ट और चिपियाना स्थित हर्ष विहार सोसाइटी में 150 से अधिक लोग बीमार हो गए। इनमें बच्चे, बुजुर्ग और गर्भवती महिलाएं भी शामिल हैं। सभी को उल्टी-दस्त, पेट दर्द और शरीर सुन्न होने जैसी शिकायतें हुईं। रविवार रात तक 50 से अधिक लोगों को अस्पताल में भर्ती कराया गया, जबकि अन्य लोगों ने घर पर दवा लेकर उपचार कराया।
जानकारी के अनुसार, महाशिवरात्रि के दिन इन सोसाइटियों के लोगों ने अपनी-अपनी मार्केट की दुकानों से कुट्टू का आटा खरीदा था। स्वास्थ्य विभाग की प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि अधिकांश लोगों ने ए-प्योर ब्रांड का कुट्टू का आटा खरीदा था। व्रत खोलने के बाद जैसे ही लोगों ने कुट्टू के आटे से बने पकवान खाए, रात करीब 8 बजे के बाद उनकी तबीयत बिगड़नी शुरू हो गई।
निवासियों ने बताया कि पहले हाथ-पैर सुन्न होने लगे, उसके बाद उल्टी-दस्त और तेज पेट दर्द की समस्या शुरू हुई। शुरुआत में कई लोगों ने इसे सामान्य मानकर नजरअंदाज किया, लेकिन रात 12 बजे तक हालात गंभीर हो गए। एक के बाद एक परिवार सेक्टर-3 स्थित निजी अस्पताल पहुंचने लगे। कई ऐसे परिवार भी थे, जिनके छह से सात सदस्य एक साथ बीमार हो गए। अस्पताल में सभी को भर्ती कर उपचार शुरू किया गया। सोमवार शाम तक कुछ मरीजों को छुट्टी दे दी गई, लेकिन कई लोगों का इलाज अब भी जारी है।
अच्छेजा गांव में भी कुट्टू का आटा खाने से 9 से अधिक बच्चे बीमार पड़ गए। हालांकि उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है। खाद्य विभाग ने मामले की जांच शुरू कर दी है और संबंधित दुकानों से आटे के सैंपल लिए जा रहे हैं। विभाग फिलहाल अस्पताल में भर्ती मरीजों के आंकड़ों के आधार पर स्थिति का आकलन कर रहा है।
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, केवल ग्रेटर नोएडा के एक निजी अस्पताल में ही 37 लोग इलाज के लिए पहुंचे थे। जिन लोगों की तबीयत ज्यादा खराब नहीं थी, उन्होंने आसपास के क्लीनिक से दवा लेकर घर पर ही आराम किया। अधिकारियों का कहना है कि यदि आटे में मिलावट या खराब गुणवत्ता की पुष्टि होती है तो संबंधित विक्रेता और ब्रांड के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
यह घटना त्योहारों के दौरान खाद्य सामग्री की गुणवत्ता और निगरानी पर गंभीर सवाल खड़े करती है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि किसी भी खाद्य पदार्थ को खरीदते समय उसकी गुणवत्ता और ब्रांड की जांच अवश्य करें और संदिग्ध स्थिति में तुरंत संबंधित विभाग को सूचित करें।

