Greater Noida: नोएडा प्राधिकरण की बड़ी राहत: बहुमंजिला फ्लैट आवंटियों के लिए ओटीएस योजना लागू, बकाया पर मिलेगी 80% तक छूट
Greater Noida: नोएडा प्राधिकरण की बड़ी राहत: बहुमंजिला फ्लैट आवंटियों के लिए ओटीएस योजना लागू, बकाया पर मिलेगी 80% तक छूट
नोएडा। नोएडा प्राधिकरण ने बहुमंजिला फ्लैट आवंटियों को बड़ी राहत देते हुए एकमुश्त समाधान योजना (ओटीएस) लागू कर दी है। इस योजना का लाभ आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (ईडब्ल्यूएस) से लेकर 135 वर्गमीटर तक के बहुमंजिला फ्लैटों के पात्र आवंटियों को मिलेगा। योजना के तहत बकाया प्रीमियम और लीज डीड के विलंब शुल्क पर विशेष छूट प्रदान की जाएगी, जिससे सैकड़ों आवंटियों को आर्थिक राहत मिलने की उम्मीद है।
प्राधिकरण अधिकारियों के अनुसार बोर्ड बैठक में मंजूरी मिलने के बाद इस योजना को औपचारिक रूप से लागू कर दिया गया है। ओटीएस योजना का उद्देश्य उन आवंटियों को राहत देना है जो विभिन्न कारणों से समय पर भुगतान नहीं कर पाए और जिन पर प्रीमियम या लीज डीड से संबंधित बकाया राशि लंबित है। योजना के तहत आवंटी एक निश्चित अवधि में भुगतान कर अपने बकाया मामलों का निस्तारण करा सकेंगे।
प्राधिकरण द्वारा जारी जानकारी के मुताबिक यह योजना 30 सितंबर तक प्रभावी रहेगी। इस अवधि के भीतर आवेदन करने वाले पात्र आवंटियों को प्रीमियम की बकाया राशि और लीज डीड के विलंब शुल्क पर बड़ी छूट का लाभ मिलेगा। विशेष रूप से लीज डीड के विलंब शुल्क पर 80 प्रतिशत तक की छूट दिए जाने का प्रावधान किया गया है, जिससे लंबे समय से बकाया भुगतान करने वाले लोगों को काफी राहत मिलेगी।
अधिकारियों ने बताया कि योजना के अंतर्गत प्रीमियम की डिफॉल्ट अथवा विफल धनराशि पर अतिरिक्त ब्याज नहीं लगाया जाएगा। इससे आवंटियों पर वित्तीय बोझ कम होगा और वे आसानी से अपने लंबित भुगतान का निपटारा कर सकेंगे। प्राधिकरण का मानना है कि इस योजना के माध्यम से बड़ी संख्या में लंबित मामलों का समाधान संभव होगा।
जानकारी के अनुसार नोएडा प्राधिकरण के ऐसे 500 से अधिक आवंटी हैं जो इस योजना के दायरे में आते हैं और इसका लाभ उठा सकते हैं। प्राधिकरण ने सभी पात्र आवंटियों से अपील की है कि वे निर्धारित समय सीमा के भीतर आवेदन कर योजना का लाभ प्राप्त करें और अपने बकाया मामलों का निस्तारण कराएं।
ओटीएस योजना लागू होने से उन आवंटियों को सबसे अधिक राहत मिलने की संभावना है जो लंबे समय से आर्थिक या अन्य कारणों से बकाया भुगतान नहीं कर पाए थे। प्राधिकरण को भी उम्मीद है कि इस पहल से राजस्व संग्रह में वृद्धि होगी और लंबित प्रकरणों की संख्या में कमी आएगी।


