Food Poisoning: महाशिवरात्रि पर कुट्टू का आटा बना आफत, ग्रेटर नोएडा वेस्ट में 50 से ज्यादा लोग बीमार

Food Poisoning: महाशिवरात्रि पर कुट्टू का आटा बना आफत, ग्रेटर नोएडा वेस्ट में 50 से ज्यादा लोग बीमार
रिपोर्ट: अजीत कुमार
महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर व्रत के दौरान खाया गया कुट्टू का आटा ग्रेटर नोएडा वेस्ट में कई परिवारों के लिए मुसीबत बन गया। Noida के बिसरख थाना क्षेत्र स्थित सुपरटेक इकोविलेज-3, हिमालय प्राइड और रॉयल कोर्ट सोसायटी में एक ही रात में 50 से ज्यादा लोग फूड पॉइजनिंग के शिकार हो गए। अचानक बड़ी संख्या में लोगों के बीमार पड़ने से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया।
जानकारी के अनुसार, सुपरटेक इकोविलेज-3 में 20 से अधिक लोगों की तबीयत बिगड़ गई। वहीं हिमालय प्राइड सोसायटी में करीब दो दर्जन लोग उल्टी, बुखार, पेट दर्द और चक्कर आने की शिकायत के बाद बीमार हो गए। रॉयल कोर्ट सोसायटी भी इस संकट की चपेट में आ गई। सभी प्रभावित लोगों ने महाशिवरात्रि के व्रत के दौरान कुट्टू के आटे से बना भोजन किया था।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, देर रात अचानक कई फ्लैट्स में लोगों को तेज पेट दर्द, उल्टी और चक्कर आने लगे। स्थिति बिगड़ने पर एंबुलेंस बुलाकर मरीजों को नजदीकी निजी अस्पतालों में भर्ती कराया गया। एक ही सोसायटी से लगातार एंबुलेंस के आने-जाने से अफरा-तफरी का माहौल बन गया। परिवारों में दहशत फैल गई और लोग एक-दूसरे से संपर्क कर स्थिति की जानकारी लेते रहे।
प्राथमिक जांच में सामने आया है कि सभी प्रभावित लोगों ने आसपास की दुकानों से खरीदा गया कुट्टू का आटा इस्तेमाल किया था। आशंका जताई जा रही है कि आटा संदिग्ध या खराब गुणवत्ता का था, जिसके सेवन से यह स्वास्थ्य संकट उत्पन्न हुआ। घटना के बाद खाद्य सुरक्षा विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं कि आखिर बिना जांच के इस तरह का आटा बाजार में कैसे बिक रहा था।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने आटा बेचने वाले विक्रेता को हिरासत में ले लिया है। खाद्य विभाग की टीम ने संबंधित दुकानों से आटे के सैंपल लेकर जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि लैब रिपोर्ट आने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। बिसरख पुलिस और खाद्य विभाग की संयुक्त टीम लगातार जांच में जुटी हुई है।
अस्पताल सूत्रों के अनुसार, अधिकांश मरीजों की हालत अब स्थिर है और कई लोगों को प्राथमिक उपचार के बाद डिस्चार्ज भी कर दिया गया है। डॉक्टरों ने बताया कि समय पर इलाज मिलने से स्थिति नियंत्रण में रही और किसी की हालत गंभीर नहीं है।
इस घटना के बाद सोसायटी निवासियों में खाने-पीने की वस्तुओं को लेकर सतर्कता बढ़ गई है। लोग अब पैक्ड खाद्य सामग्री की गुणवत्ता और एक्सपायरी डेट की जांच करने पर जोर दे रहे हैं। प्रशासन ने भी नागरिकों से अपील की है कि किसी भी खाद्य सामग्री के सेवन के बाद असामान्य लक्षण दिखने पर तुरंत चिकित्सा सहायता लें और संबंधित विभाग को सूचित करें।
महाशिवरात्रि जैसे बड़े पर्व पर हुई इस घटना ने एक बार फिर खाद्य सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगा दिया है। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि लापरवाही किस स्तर पर हुई और दोषियों के खिलाफ क्या कार्रवाई की जाएगी।





