राज्य

Greater Noida Action: यीडा का सख्त कदम, सीईओ राकेश कुमार सिंह का अवैध खनन और अवैध निर्माण पर कड़ा प्रहार

Greater Noida Action: यीडा का सख्त कदम, सीईओ राकेश कुमार सिंह का अवैध खनन और अवैध निर्माण पर कड़ा प्रहार

रिपोर्ट: अजीत कुमार

ग्रेटर नोएडा में अवैध खनन और अवैध निर्माण की बढ़ती गतिविधियों पर सख्त नियंत्रण लगाने के उद्देश्य से यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालक अधिकारी राकेश कुमार सिंह ने बड़ा प्रशासनिक कदम उठाया है। प्राधिकरण क्षेत्र के विभिन्न सेक्टरों में अवैध गतिविधियों पर प्रभावी रोक लगाने के लिए निगरानी व्यवस्था को और अधिक मजबूत किया गया है।

प्राधिकरण क्षेत्र के सेक्टर 18, 20, 22डी, 24, 24ए, 22ई, 21, 28, 29, 32 और 33 सहित कई इलाकों में पहले से ही 85 भूतपूर्व सेवानिवृत्त सैनिकों की तैनाती की गई थी। अब इस व्यवस्था को और सुदृढ़ करते हुए दस अतिरिक्त भूतपूर्व सेवानिवृत्त गैनमैन और सैनिकों की नियुक्ति की गई है। इनकी जिम्मेदारी होगी कि वे क्षेत्र में लगातार गश्त करते हुए अवैध खनन और निर्माण गतिविधियों पर नजर रखें।

निगरानी व्यवस्था को और प्रभावी बनाने के लिए पहले से उपलब्ध चार बुलेरो वाहनों के अतिरिक्त एक नई बुलेरो वाहन उपलब्ध कराने का भी निर्णय लिया गया है। सभी तैनात सुरक्षाकर्मी वाहन के माध्यम से पूरे प्राधिकरण क्षेत्र में चलायमान रहेंगे और संदिग्ध गतिविधियों की तुरंत जानकारी संबंधित अधिकारियों तक पहुंचाएंगे।

प्राधिकरण के सुरक्षा बल को अब केवल अवैध खनन पर कार्रवाई करने तक सीमित नहीं रखा गया है, बल्कि उन्हें अवैध निर्माण पर भी अंकुश लगाने का अतिरिक्त दायित्व सौंपा गया है। इसके तहत सुरक्षा बल प्रतिदिन संबंधित क्षेत्र की पुलिस, प्राधिकरण के परियोजना विभाग तथा भूलेख विभाग के विभागाध्यक्षों को विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करेंगे।

सुरक्षा बल की रिपोर्ट के आधार पर संबंधित लेखपाल और तहसीलदार अवैध निर्माण के मामलों में नियमानुसार धारा 10 के अंतर्गत कार्रवाई करेंगे। आवश्यकता पड़ने पर अवैध निर्माणों का ध्वस्तीकरण भी सुनिश्चित किया जाएगा। प्रशासन ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि यदि किसी क्षेत्र में अवैध निर्माण पाया जाता है तो संबंधित लेखपाल और परियोजना अभियंता व्यक्तिगत रूप से उत्तरदायी माने जाएंगे। इस जवाबदेही से अवैध गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करने की योजना है।

विभिन्न विभागों के बीच समन्वय को बेहतर बनाने के लिए एक व्हाट्सएप ग्रुप भी बनाया जाएगा, जिसमें सभी महत्वपूर्ण सूचनाएं तत्काल साझा की जाएंगी। इससे अवैध निर्माण और खनन से जुड़ी जानकारी रियल टाइम में सभी संबंधित अधिकारियों तक पहुंचेगी और समयबद्ध कार्रवाई संभव हो सकेगी।

मुख्य कार्यपालक अधिकारी की इस नई पहल के तहत अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी राजेश कुमार ने शनिवार सुबह सभी भूतपूर्व सेवानिवृत्त गैनमैन और सैनिकों की बैठक ली। बैठक में उन्हें नई जिम्मेदारियों, रिपोर्टिंग व्यवस्था और कार्रवाई की प्रक्रिया के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और अवैध खनन व निर्माण के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

प्राधिकरण की इस सख्त रणनीति से क्षेत्र में अवैध गतिविधियों पर लगाम कसने की उम्मीद जताई जा रही है। प्रशासन का मानना है कि मजबूत निगरानी, जवाबदेही तय करने और विभागीय समन्वय के जरिए प्राधिकरण क्षेत्र को नियोजित विकास के अनुरूप सुरक्षित और व्यवस्थित बनाया जा सकेगा।

 

Himachal Pradesh: अनुकंपा नियुक्ति की प्रतीक्षा कर रहे 202 पात्र आवेदकों को नए वर्ष का तोहफा, मुख्यमंत्री सुक्खू का बड़ा फैसला

Related Articles

Back to top button