GIMS Greater Noida free checkup: जिम्स में 9 से 14 मार्च तक निशुल्क स्वास्थ्य जांचें, मोटापा और महिलाओं की सेहत पर रहेगा खास फोकस

GIMS Greater Noida free checkup: जिम्स में 9 से 14 मार्च तक निशुल्क स्वास्थ्य जांचें, मोटापा और महिलाओं की सेहत पर रहेगा खास फोकस
नोएडा स्थित जिम्स (GIMS) में अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस और ओबेसिटी वीक के अवसर पर विशेष स्वास्थ्य पहल शुरू की गई है। इसके तहत 9 मार्च से 14 मार्च तक अस्पताल में कुछ महत्वपूर्ण जांचें मरीजों के लिए निशुल्क उपलब्ध कराई जाएंगी। इस अभियान का उद्देश्य लोगों को मोटापा, फैटी लिवर और महिलाओं में रजोनिवृत्ति के बाद होने वाली हड्डियों की कमजोरी जैसी स्वास्थ्य समस्याओं के प्रति जागरूक करना है।
अस्पताल के मेडिसिन विभाग की पहल पर इस अवधि के दौरान “ओबेसिटी वीक” मनाया जा रहा है। इस कार्यक्रम के तहत मोटापे से ग्रसित मरीजों के लिए फाइब्रोस्कैन की सुविधा मुफ्त दी जाएगी। इसके अलावा महिलाओं के लिए हड्डियों की मजबूती की जांच के लिए डेक्सा स्कैन भी निशुल्क कराया जाएगा। इस पहल से बड़ी संख्या में मरीजों को समय रहते अपनी स्वास्थ्य समस्याओं की जांच कराने और उचित इलाज शुरू करने में मदद मिलेगी।
संस्थान के निदेशक ब्रिगेडियर डॉ. राकेश गुप्ता ने बताया कि इस अभियान के दौरान मरीज अस्पताल के मेडिसिन विभाग, स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग तथा ऑर्थोपेडिक्स विभाग के विशेषज्ञ डॉक्टरों से परामर्श ले सकते हैं। डॉक्टरों की सलाह के आधार पर मरीजों को आवश्यक जांचें कराने के लिए मार्गदर्शन दिया जाएगा।
उन्होंने बताया कि मरीजों को मेडिसिन ओपीडी नंबर 10 से इन जांचों के लिए परामर्श दिया जाएगा। डॉक्टर की सलाह मिलने के बाद मरीज 9 से 14 मार्च के बीच निर्धारित अवधि में आकर इन जांचों का लाभ निशुल्क ले सकते हैं। अस्पताल प्रशासन को उम्मीद है कि इस पहल से अधिक से अधिक लोग अपनी स्वास्थ्य जांच कराएंगे और गंभीर बीमारियों की समय रहते पहचान हो सकेगी।
विशेषज्ञों के अनुसार आज के समय में मोटापा तेजी से बढ़ती स्वास्थ्य समस्या बन चुका है, जिससे फैटी लिवर, मधुमेह और हृदय रोग जैसी बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। वहीं महिलाओं में रजोनिवृत्ति के बाद हड्डियों की कमजोरी यानी ऑस्टियोपोरोसिस का जोखिम बढ़ जाता है। ऐसे में समय-समय पर जांच कराना बेहद जरूरी होता है।
अस्पताल प्रशासन का कहना है कि इस तरह के जागरूकता कार्यक्रमों का उद्देश्य लोगों को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करना और गंभीर बीमारियों की शुरुआती अवस्था में पहचान करना है, ताकि समय पर इलाज शुरू किया जा सके और भविष्य में बड़ी स्वास्थ्य समस्याओं से बचाव हो सके।





