Gangster Act Case: गैंगस्टर एक्ट के आरोपी सलीम की जमानत अर्जी खारिज

Gangster Act Case: गैंगस्टर एक्ट के आरोपी सलीम की जमानत अर्जी खारिज
नोएडा। सत्र न्यायाधीश की अदालत ने गैंगस्टर एक्ट के एक पुराने मामले में आरोपी सलीम की जमानत अर्जी खारिज कर दी है। अदालत ने केस डायरी और पत्रावली का अवलोकन करने के बाद बचाव और अभियोजन पक्ष की दलीलें सुनते हुए यह आदेश पारित किया। इस फैसले को कानून व्यवस्था के लिहाज से अहम माना जा रहा है।
जमानत अर्जी में आरोपी सलीम की ओर से दावा किया गया था कि उसे झूठे मुकदमे में फंसाया गया है। बचाव पक्ष ने अदालत को बताया कि सलीम किसी भी गैंग का सदस्य नहीं है और न ही वह किसी संगठित आपराधिक गतिविधि में शामिल रहा है। यह भी कहा गया कि उसकी गिरफ्तारी पर रोक के लिए उच्च न्यायालय में दायर याचिका स्वीकार की जा चुकी है।
बचाव पक्ष ने यह तर्क भी दिया कि गैंग चार्ट में जिन मामलों का उल्लेख किया गया है, उनमें से वर्ष 2008 के एक मुकदमे में सलीम पहले ही दोषमुक्त हो चुका है। वहीं वर्ष 2006 के एक मामले में उसे केवल आर्म्स एक्ट के तहत दंडित किया गया था, जो गैंगस्टर एक्ट के गंभीर आरोपों से अलग प्रकृति का है। इसलिए गैंगस्टर एक्ट की धाराओं में जमानत दिए जाने का अनुरोध किया गया।
दूसरी ओर अभियोजन पक्ष ने अदालत को बताया कि पूर्व विशेष लोक अभियोजक द्वारा 28 नवंबर 2025 को त्यागपत्र दिए जाने के बाद जिलाधिकारी और संयुक्त निदेशक अभियोजन को कई बार पत्र भेजे गए, लेकिन गैंगस्टर एक्ट के मामलों की प्रभावी पैरवी के लिए अब तक किसी नए विशेष लोक अभियोजक की नियुक्ति नहीं की गई है। इसके बावजूद अभियोजन ने उपलब्ध अभिलेखों के आधार पर आरोपी की जमानत का विरोध किया।
अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलों पर विचार करने के बाद यह पाया कि मामले की प्रकृति और उपलब्ध तथ्यों को देखते हुए इस स्तर पर जमानत देना उचित नहीं होगा। इसी आधार पर सलीम की जमानत अर्जी खारिज कर दी गई।
इस आदेश के बाद आरोपी को न्यायिक हिरासत में ही रहना होगा। मामले की अगली सुनवाई नियत तिथि पर की जाएगी।



