Ganga Jal Supply Greater Noida: छह माह से ठप गंगाजल की आपूर्ति जल्द होगी बहाल, नए साल में सेक्टरों तक पहुंचेगा पानी

Ganga Jal Supply Greater Noida: छह माह से ठप गंगाजल की आपूर्ति जल्द होगी बहाल, नए साल में सेक्टरों तक पहुंचेगा पानी
नोएडा। ग्रेटर नोएडा में पिछले छह माह से बंद पड़ी गंगाजल की आपूर्ति अब जल्द शुरू होने वाली है। गंगाजल परियोजना के शुरुआती हिस्से में गाजियाबाद के देहरा और ग्रेटर नोएडा के पल्ला गांव के बीच सहित कई स्थानों पर क्षतिग्रस्त हुई मुख्य पाइपलाइन की मरम्मत का कार्य लगभग पूरा कर लिया गया है। फिलहाल पूरी पाइपलाइन की सफाई यानी फ्लशिंग का काम चल रहा है, क्योंकि लंबे समय तक आपूर्ति बंद रहने के कारण पाइपलाइन के भीतर भारी मात्रा में मिट्टी जमा हो गई थी।
प्राधिकरण अधिकारियों को उम्मीद है कि नए साल की शुरुआत के साथ ही ग्रेटर नोएडा और ग्रेटर नोएडा वेस्ट के शेष सेक्टरों में गंगाजल की आपूर्ति शुरू कर दी जाएगी। इसके साथ-साथ आसपास के गांवों में भी गंगाजल पहुंचाने की तैयारी की जा रही है। हालांकि बीते महीनों में भूजल की पर्याप्त उपलब्धता के चलते क्षेत्र में पेयजल संकट की स्थिति उत्पन्न नहीं हुई।
जानकारी के अनुसार गंगाजल परियोजना के शुरुआती हिस्से में देहरा से पल्ला के बीच करीब 17 किलोमीटर के दायरे में तीन स्थानों पर मुख्य पाइपलाइन में गंभीर लीकेज सामने आई थी। इसी कारण जुलाई माह में गंगाजल की आपूर्ति को पूरी तरह बंद करना पड़ा था। पाइपलाइन की मरम्मत में देरी का एक बड़ा कारण परियोजना से प्रभावित किसानों का विरोध भी रहा, जिसके चलते काम लंबे समय तक रुका रहा। इस तरह की समस्या पहले भी सामने आ चुकी है, जिससे परियोजना की गुणवत्ता पर सवाल उठते रहे हैं।
गौरतलब है कि गंगाजल परियोजना का उद्घाटन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 1 नवंबर 2022 को किया था। उस समय दावा किया गया था कि अप्रैल 2023 तक ग्रेटर नोएडा और ग्रेटर नोएडा वेस्ट के सभी सेक्टरों में गंगाजल की आपूर्ति शुरू कर दी जाएगी, लेकिन तीन साल बाद भी यह परियोजना पूरी तरह पटरी पर नहीं आ सकी है। प्रथम चरण में कुल 58 सेक्टरों में गंगाजल की आपूर्ति प्रस्तावित थी, जबकि फिलहाल 54 सेक्टरों में ही आंशिक आपूर्ति हो पा रही है।
जल विभाग के अधिकारियों के अनुसार ग्रेटर नोएडा वेस्ट के सेक्टर-16बी, सी, 2 और 3 में भी जल्द ही गंगाजल की सप्लाई शुरू कर दी जाएगी। गौड़ चौक के पास पाइपलाइन को आपस में जोड़ दिया गया है। वर्तमान में लगभग 80 एमएलडी गंगाजल की आपूर्ति की जा रही है, जबकि भूजल की आपूर्ति इससे अलग जारी है। ग्रेटर नोएडा की अनुमानित आबादी 10 से 12 लाख के बीच है, ऐसे में पूरी क्षमता से गंगाजल की आपूर्ति न हो पाना एक बड़ी चुनौती बना हुआ है।
परियोजना के उद्घाटन के तीन साल बाद भी बार-बार पाइपलाइन फटने और लीकेज की समस्या सामने आना चिंता का विषय है। आए दिन किसी न किसी स्थान पर लीकेज हो जाता है, जिसे ठीक करने में तीन से चार दिन लग जाते हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि परियोजना में इस्तेमाल की गई पाइपलाइन की गुणवत्ता की जांच कराई जानी चाहिए, ताकि भविष्य में इस तरह की समस्याओं से निजात मिल सके।
ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की एसीईओ प्रेरणा सिंह ने बताया कि पाइपलाइन की मरम्मत का कार्य पूरा कर लिया गया है और नई पाइपलाइन बिछाकर लीकेज की समस्या को स्थायी रूप से दूर किया जा रहा है। उन्होंने भरोसा जताया कि नए साल में प्रथम चरण के सभी 58 सेक्टरों में गंगाजल की आपूर्ति सुचारू रूप से शुरू कर दी जाएगी।





