Ganga Dussehra 2026 : 25 मई को गंगा दशहरा, ब्रह्म मुहूर्त में गंगा स्नान और दान से मिलेगा कई गुना पुण्य

Hapur : हापुड़ में ज्येष्ठ मास के शुक्ल पक्ष दशमी तिथि 25 मई को गंगा दशहरा पर्व मनाया जाएगा। श्री सनातन ज्योतिष कर्मकांड महासभा के प्रदेशाध्यक्ष ज्योतिर्विद पं सुबोध और महिला प्रदेश अध्यक्ष प्रीति पांडेय ने बताया कि निर्णय सिंधु व धर्मसिंधु के पंचांग के अनुसार गंगा दशहरा पर गंगा स्नान और दान के लिए ब्रह्म मुहूर्त में सर्वाधिक शुभ समय सुबह 4:30 बजे से 5:30 बजे तक रहेगा। इस अवधि में गंगा में स्नान, दान और ईश्वर की पूजा करना विशेष फलदायी माना गया है। अमृत चौघड़िया में सुबह 5:25 बजे से 7:08 बजे तक स्नान और दान शुभ रहेगा। शुभ चौघड़िया सुबह 8:51 बजे से 10:34 बजे तक दान, पूजा और जलदान के लिए श्रेष्ठ समय है। अगर कोई इन मुहूर्त में स्नान न कर पाएं तो दोपहर 12:17 बजे से 1:10 बजे तक का समय भी स्नान दान के लिए शुभ रहेगा।
ज्योतिषाचार्य संतोष तिवारी ने बताया कि पुराणों के अनुसार इस दिन सगर के 60 हजार पुत्रों का उद्धार करने के लिए भागीरथ की कठोर तपस्या से प्रसन्न होकर ब्रह्मपुत्री मां गंगा संपूर्ण जीवन के कलि कल्मष को विध्वंस करने के लिए इस धरातल पर अवतीर्ण हुईं। इस दिन किया गया स्नान, दान, जप, हवन कई गुना फलदाई होते हैं। दशमी तिथि 25 मई को सुबह 4:30 बजे से 26 मई सुबह 5:10 बजे तक रहेगी।
उन्होंने बताया कि संभव हो तो ब्रह्म मुहूर्त में गंगा के दिव्य धाम में जाकर स्थान को प्रणाम करके गंगा के तट पर बैठकर जल हिलाकर हथेली के मध्य में जल रखकर भगवान नाम स्मरण करते हुए आचमन करें। गंगा में डुबकी लगाकर अपने इष्ट देव, गुरुदेव और पूर्वजों के नाम से जलांजलि दें। संत, ब्राह्मण, गौ, कुत्ता, चींटी, कौवे आदि को भोजन कराएं। मानसिक शांति और प्रत्येक कामनाओं के पूर्ति के लिए योग्य विप्र के परामर्श कर गंगा पूजन, हवन, जप, 10 दीपदान, 10 महादान, 10 अन्नदान, गंगा लहरी आदि का पाठ कराएं। गंगा स्नान के लिए अगर गंगा घाट न जा सकें तो घर पर गंगाजल में मिले हुए जल से स्नान करके भी इसी मुहूर्त में दान और जप करें।





