Fake GST Firm Case: फर्जी फर्म बनाकर करोड़ों की टैक्स चोरी, आरोपी बलदेव उर्फ बाली को नहीं मिली जमानत

Fake GST Firm Case: फर्जी फर्म बनाकर करोड़ों की टैक्स चोरी, आरोपी बलदेव उर्फ बाली को नहीं मिली जमानत
नोएडा में फर्जी जीएसटी फर्म बनाकर करोड़ों रुपये के राजस्व नुकसान पहुंचाने के मामले में जिला न्यायालय ने आरोपी बलदेव उर्फ बाली की जमानत अर्जी खारिज कर दी है। यह मामला सेक्टर-20 थाना क्षेत्र से जुड़ा हुआ है, जिसमें बड़े पैमाने पर आर्थिक धोखाधड़ी का खुलासा हुआ है।
अभियोजन के अनुसार, आरोपी ने अपने सहयोगियों के साथ मिलकर सुनियोजित तरीके से लोगों के पैन कार्ड, आधार कार्ड और मोबाइल नंबर का दुरुपयोग किया। इन दस्तावेजों के आधार पर फर्जी कंपनियां बनाई गईं और उनके नाम पर जीएसटी नंबर हासिल किए गए।
जांच में सामने आया कि इन फर्जी फर्मों के जरिए नकली टैक्स इनवॉइस तैयार किए गए और इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) का गलत तरीके से लाभ उठाया गया। इस पूरे खेल के चलते सरकार को करोड़ों रुपये के राजस्व का नुकसान हुआ है।
यह मामला एक संगठित गिरोह द्वारा किए गए आर्थिक अपराध के रूप में सामने आया है, जिसमें योजनाबद्ध तरीके से फर्जी दस्तावेज तैयार कर टैक्स चोरी की गई। अधिकारियों का कहना है कि इस तरह की गतिविधियां देश की आर्थिक व्यवस्था को भी गंभीर नुकसान पहुंचाती हैं।
बताया गया है कि इस मामले में शामिल अन्य सह-आरोपियों की जमानत याचिकाएं भी पहले ही खारिज की जा चुकी हैं। जिला न्यायालय ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपी को राहत देने से इनकार कर दिया।
पुलिस और संबंधित एजेंसियां मामले की जांच में जुटी हैं और गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी पड़ताल की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।



