Education through Play Program: नोएडा के गोल्डन फ्यूचर पब्लिक स्कूल में “खेल-खेल में शिक्षा” थीम पर विशेष शैक्षणिक आयोजन

Education through Play Program: नोएडा के गोल्डन फ्यूचर पब्लिक स्कूल में “खेल-खेल में शिक्षा” थीम पर विशेष शैक्षणिक आयोजन
रिपोर्ट: अजीत कुमार
नोएडा के गोल्डन फ्यूचर पब्लिक स्कूल में “खेल-खेल में शिक्षा” (Education through Play) थीम पर आधारित एक विशेष शैक्षणिक कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य बच्चों को मनोरंजक गतिविधियों और रचनात्मक खेलों के माध्यम से शिक्षा के बुनियादी सिद्धांतों, नैतिक मूल्यों और जीवन कौशल से जोड़ना था। स्कूल प्रशासन का मानना है कि यदि पढ़ाई को खेल और गतिविधियों के साथ जोड़ा जाए तो बच्चे न केवल बेहतर तरीके से सीखते हैं, बल्कि सीखने की प्रक्रिया को आनंद के साथ अपनाते भी हैं।
कार्यक्रम के दौरान छात्रों के लिए कई शैक्षिक खेल, समूह गतिविधियां, रचनात्मक प्रतियोगिताएं और इंटरैक्टिव सत्र आयोजित किए गए। इन गतिविधियों को इस प्रकार डिजाइन किया गया था कि बच्चे गणित, भाषा, विज्ञान और सामाजिक ज्ञान जैसे विषयों को खेल-खेल में समझ सकें। पारंपरिक पढ़ाई के बोझ को कम करते हुए सीखने को सरल, रोचक और व्यवहारिक बनाने पर विशेष जोर दिया गया।
स्कूल प्रबंधन ने स्पष्ट किया कि इस तरह के आयोजन का मकसद केवल किताबी ज्ञान देना नहीं, बल्कि बच्चों के समग्र विकास (Holistic Development) को बढ़ावा देना है। बच्चों में आत्मविश्वास, टीमवर्क, नेतृत्व क्षमता, रचनात्मक सोच और समस्या समाधान कौशल विकसित करने के लिए विशेष गतिविधियां शामिल की गईं। शिक्षकों ने बच्चों को समूह में काम करने, विचार साझा करने और मंच पर अपनी प्रस्तुति देने के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम में भारतीय जनता पार्टी के नोएडा महानगर अध्यक्ष महेश चौहान और जिले के महामंत्री गणेश जाटव ने शिरकत की। थाना-49 के प्रभारी (SHO) सुशील भारद्वाज, एसडीओ अजय यादव, भूपेंद्र, भाजपा नेता मनोज चौहान और बीजेपी मंत्री नीतिराज भी विशेष अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। सभी अतिथियों ने बच्चों का उत्साहवर्धन किया और शिक्षा के इस अभिनव तरीके की सराहना की। उन्होंने कहा कि शिक्षा को रोचक और व्यवहारिक बनाना समय की आवश्यकता है, जिससे बच्चे तनावमुक्त होकर बेहतर प्रदर्शन कर सकें।
प्रधानाध्यापक उमेश गुप्ता ने बताया कि स्कूल में समय-समय पर ऐसे कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं, जिनका उद्देश्य छात्रों को पारंपरिक शिक्षा के साथ-साथ व्यावहारिक ज्ञान देना है। उन्होंने कहा कि आज के प्रतिस्पर्धी दौर में केवल अकादमिक उत्कृष्टता ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि बच्चों का सर्वांगीण विकास भी उतना ही जरूरी है।
इस आयोजन को सफल बनाने में स्कूल के सभी अध्यापकों और स्टाफ की महत्वपूर्ण भूमिका रही। अभिभावकों ने भी इस पहल की सराहना की और कहा कि इस प्रकार की गतिविधियां बच्चों के आत्मविश्वास और सीखने की क्षमता को नई दिशा देती हैं। कार्यक्रम के अंत में छात्रों को उनकी सहभागिता और उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए सम्मानित भी किया गया।





