Noida International Airport: नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट बनेगा टेक हब, माइक्रोसॉफ्ट–इंटेल जैसी दिग्गज कंपनियों को दिया निवेश का निमंत्रण

Noida International Airport: नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट बनेगा टेक हब, माइक्रोसॉफ्ट–इंटेल जैसी दिग्गज कंपनियों को दिया निवेश का निमंत्रण
नोएडा। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के आसपास का क्षेत्र जल्द ही उत्तर भारत का सबसे बड़ा टेक्नोलॉजी हब बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीडा) ने बड़े पैमाने पर आईटी और टेक सेक्टर के निवेश को आकर्षित करने के लिए वैश्विक कंपनियों के सीईओ को औपचारिक रूप से पत्र भेजे हैं। इनमें माइक्रोसॉफ्ट, इंटेल, टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स जैसी दिग्गज कंपनियां शामिल हैं। प्राधिकरण ने इन कंपनियों को एयरपोर्ट के पास उपलब्ध विशाल भूमि, आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर और तेजी से विकसित होते औद्योगिक क्षेत्रों के बारे में विस्तृत जानकारी दी है।
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट अपने पहले चरण में उड़ान भरने के लिए लगभग तैयार है। एयरपोर्ट की शुरुआत से एयर कार्गो, कनेक्टिविटी और लॉजिस्टिक्स सेक्टर को बड़ा बढ़ावा मिलेगा, जिसका सीधा लाभ आईटी और इलेक्ट्रॉनिक मैन्युफैक्चरिंग इंडस्ट्री को मिलेगा। इसी वजह से यीडा एयरपोर्ट के आसपास आईटी पार्क, इलेक्ट्रॉनिक विनिर्माण जोन और डेटा सेंटर हब को विशेष प्राथमिकता दे रहा है। प्राधिकरण मानता है कि एयरपोर्ट संचालन शुरू होते ही यह क्षेत्र देश–विदेश के निवेशकों का प्रमुख केंद्र बन जाएगा।
वर्तमान में एयरपोर्ट से सटे सेक्टरों में कई कंपनियों को औद्योगिक प्लॉट मिल चुके हैं और निर्माण गतिविधियों की गति भी बढ़ चुकी है। बड़े निवेशकों की आमद से रोजगार के हजारों नए अवसर पैदा होंगे और क्षेत्र में आर्थिक गतिविधियां मजबूत होंगी। यीडा की योजना इस क्षेत्र को विश्वस्तरीय टेक कॉरिडोर के रूप में विकसित करने की है, जहां अत्याधुनिक आईटी इंफ्रास्ट्रक्चर, बेहतरीन सड़क नेटवर्क और उद्योग-अनुकूल नीतियां कंपनियों को तेजी से आकर्षित करेंगी।
प्राधिकरण की ओर से जल्द ही एप्पल और अन्य अंतरराष्ट्रीय मोबाइल मैन्युफैक्चरिंग कंपनियों को भी निवेश के लिए आमंत्रण भेजा जाएगा। यीडा सीईओ आर.के. सिंह के अनुसार, प्राधिकरण के अधिकारी कंपनियों के साथ व्यक्तिगत स्तर पर बातचीत कर रहे हैं और उन्हें इस क्षेत्र की संभावनाओं के बारे में विस्तार से जानकारी दे रहे हैं।
इसी बीच, यीडा ने हाल ही में मेडिकल डिवाइस पार्क, मिक्स लैंड और अन्य औद्योगिक योजनाओं के तहत 65 भूखंडों का आवंटन किया है। इन आवंटनों से क्षेत्र में 2200 करोड़ रुपये का निवेश आ रहा है और लगभग 22,000 लोगों के लिए रोजगार सृजित होने की संभावना है। मेडिकल डिवाइस पार्क के तहत 12 कंपनियों को जमीन देकर कैंसर केयर, रेडियोलॉजी, इमेजिंग, इम्प्लांट्स, एनेस्थेसिया, कार्डियो-रेस्पिरेटरी और डायग्नोस्टिक उपकरणों के निर्माण के लिए प्रेरित किया जा रहा है। इसके अलावा मिक्स लैंड यूज़ के अंतर्गत 11 और अपैरल, टॉय पार्क एवं एमएसएमई श्रेणियों के लिए 42 भूखंड आवंटित किए गए हैं।
यीडा का उद्देश्य अंतरराष्ट्रीय कंपनियों को आकर्षित कर इस पूरे क्षेत्र को वैश्विक स्तर का टेकनोलॉजी व मैन्युफैक्चरिंग हब बनाना है, जो आने वाले वर्षों में उत्तर भारत के औद्योगिक विकास का मुख्य केंद्र साबित हो सकता है।





