पंजाब

 Punjab Politics: श्री अकाल तख्त साहिब के आदेशों का सम्मान करते हुए भगवंत मान को तुरंत इस्तीफा देना चाहिए: केवल सिंह ढिल्लों

 Punjab Politics: श्री अकाल तख्त साहिब के आदेशों का सम्मान करते हुए भगवंत मान को तुरंत इस्तीफा देना चाहिए: केवल सिंह ढिल्लों

➖ गुरु-द्रोही और खालसा पंथ विरोधी घोषित किए जाने के बाद मुख्यमंत्री पद पर बने रहना नैतिक रूप से उचित नहीं

रिपोर्ट :कोमल रमोला

चंडीगढ़, 15 जून

भारतीय जनता पार्टी पंजाब के अध्यक्ष सरदार केवल सिंह ढिल्लों ने कहा है कि पांच सिंह साहिबानों द्वारा मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान को गुरु साहिबानों की तस्वीर पर शराब के छींटे मारने संबंधी आपत्तिजनक वीडियो के मामले में गुरु-दोखी और खालसा पंथ विरोधी घोषित किया गया है। इसके साथ ही गुरु खालसा पंथ के सिखों और गुरु नानक नामलेवा संगत को उनके साथ किसी भी प्रकार का संबंध न रखने का आदेश भी जारी किया गया है। श्री अकाल तख्त साहिब सिख कौम की सर्वोच्च संस्था है और वहां से जारी होने वाला प्रत्येक आदेश गुरु नानक नामलेवा संगत के लिए सम्माननीय और स्वीकार्य होता है।

सरदार ढिल्लों ने कहा कि जब किसी व्यक्ति को श्री अकाल तख्त साहिब द्वारा गुरु-दोखी और खालसा पंथ विरोधी घोषित किया जाता है, तो उसके गंभीर सामाजिक और नैतिक प्रभाव होते हैं। ऐसे हालात में पंजाब सरकार में कार्यरत सिख मंत्रियों और अधिकारियों के लिए भी एक असहज स्थिति उत्पन्न हो जाती है। इसके कारण सरकार के प्रशासनिक कार्यों और निर्णय लेने की प्रक्रिया पर भी प्रभाव पड़ने की आशंका बन सकती है, जो सीमावर्ती राज्य पंजाब के हित में नहीं है।

उन्होंने कहा कि इस पूरे मामले की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान को नैतिक जिम्मेदारी स्वीकार करनी चाहिए। जब सिख कौम की सर्वोच्च और शाश्वत पीठ श्री अकाल तख्त साहिब द्वारा उनके खिलाफ इतना कठोर निर्णय सुनाया गया है, तो लोकतांत्रिक परंपराओं और नैतिक मर्यादाओं के मद्देनजर उन्हें तत्काल अपने पद से इस्तीफा दे देना चाहिए।

सरदार केवल सिंह ढिल्लों ने कहा कि पंजाब की जनता और सिख संगतों की भावनाओं का सम्मान करना प्रत्येक सरकारी अधिकारी, सार्वजनिक पदाधिकारी की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री मान को अपनी जिम्मेदारी समझते हुए ऐसा निर्णय लेना चाहिए, जो पंजाब के प्रशासनिक ढांचे, सामाजिक सद्भाव और जनता के विश्वास को मजबूत करे।

Related Articles

Back to top button