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Noida: नोएडा: कालिंदी कुंज से सेक्टर-123 तक यातायात व्यवस्था में बड़ा सुधार, सीईओ ने दिए निर्देश

Noida: नोएडा: कालिंदी कुंज से सेक्टर-123 तक यातायात व्यवस्था में बड़ा सुधार, सीईओ ने दिए निर्देश

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नोएडा। मास्टरप्लान रोड नंबर-3 (एमपी-3) पर कालिंदी कुंज से लेकर हिंडन पर सेक्टर-123 तक यातायात व्यवस्था को सुधारने के लिए नोएडा प्राधिकरण ने बड़ा कदम उठाया है। प्राधिकरण के सीईओ डॉ. लोकेश एम ने अधिकारियों को इस मार्ग पर विस्तृत सर्वे करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने अधिकारियों से भूमिगत और ओवरहेड बिजली, सीवर लाइन, पानी की पाइपलाइन और अन्य बुनियादी सेवाओं का सर्वे 10 दिनों में प्रस्तुत करने को कहा है, ताकि सड़क के चौड़ीकरण और यातायात सुधार के उपाय किए जा सकें।

एमपी-3 नोएडा के प्रमुख मार्गों में से एक है, जहां वाहनों का दबाव लगातार बढ़ता जा रहा है। व्यस्त समय में इस मार्ग पर कई स्थानों पर जाम की समस्या आम हो गई है। इस स्थिति को देखते हुए शुक्रवार को सीईओ डॉ. लोकेश एम ने सेक्टर-73 के एसआरएस अस्पताल, सेक्टर-70 की तरफ मुख्य मार्ग, सेक्टर-121 और क्लियो काउंटी सोसाइटी के पास यातायात व्यवस्था का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने सड़क और सर्विस रोड की चौड़ाई, मुख्य रास्ते पर वाहन गति, सुरक्षा संकेत और अन्य बुनियादी सुविधाओं का जायजा लिया।

सीईओ ने अधिकारियों से कहा कि 10 दिन के भीतर तैयार की जाने वाली रिपोर्ट के आधार पर मार्ग के विभिन्न हिस्सों में यातायात सुधार के उपाय किए जाएंगे। इस कार्य में महाप्रबंधक एके अरोड़ा, उपमहाप्रबंधक विजय रावल और अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद थे।

एमपी-3 मार्ग पर होशियारपुर और सफार्बाद गांव के सामने स्थित कई बैक्वेंट हॉल शाम के समय जाम की समस्या को बढ़ा रहे हैं। यातायात पुलिस की ओर से इन हॉल संचालकों को नोटिस जारी किया जा चुका है, लेकिन अभी तक कोई सुधार नहीं हुआ है।

इस मार्ग पर जाम की समस्या सबसे अधिक निम्नलिखित स्थानों पर देखी जाती है: महामाया फ्लाईओवर, सेक्टर-37 यू-टर्न के पास, सेक्टर-34 के सामने, सेक्टर-52 होशियारपुर के सामने, सेक्टर-71 बाबा बालकनाथ मंदिर के सामने, सेक्टर-72 बैक्वेंट हॉल के सामने, सेक्टर-73 बसई गांव के सामने और पर्थला सिग्नेचर ब्रिज के नीचे।

नोएडा प्राधिकरण का उद्देश्य इस मार्ग पर यातायात को सुचारू और सुरक्षित बनाना है, जिससे रोजमर्रा के आवागमन में सुविधा हो और दुर्घटनाओं की संभावना कम हो।

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