उत्तर प्रदेश : हापुड़ घुस लेते हुए लेखपाल को एंटी करप्शन टीम ने पकड़ा, ऐसे हुई गिरफ़्तारी
शनिवार को जिला मुख्यालय में चकबंदी विभाग में तैनात लेखपाल ने...

Hapur News : शनिवार को जिला मुख्यालय में चकबंदी विभाग में तैनात लेखपाल ने अपनी नौकरी को महज डस हजार के लिए दाव पर लगा दिया। जिसकी शिकायत एंटी करप्शन टीम को हुई तो टीम के द्वारा आरोपी लेखपाल को गिरफ्तार कर लिया गया।
क्या है पूरा मामला
मिली जानकारी के अनुसार गांव सिकंदरपुर काकौड़ी निवासी वंश चौधरी ने एंटी करप्शन मेरठ कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया था कि उनके पिता के चार भाई थे, जिनमे से एक भाई का देहांत हो गया था। लेकिन वह अविवाहित थे, उनके हिस्से की जमीन अन्य तीनों भाइयों के नाम होनी थी। इसके लिए उसने लेखपाल नरेंद्र कुमार गौड से सपर्क किया था।लेखपाल ने तीनों भाइयों के नाम जमीन चढ़ाने की एवज में 15 हजार रुपयों की रिश्वत मांगी थी। इसके बाद से लेखपाल से जमीन चढ़वाने को लेकर दस हजार रूपये की रिश्वत तय हुई। पीड़ित वंश चौधरी के द्वारा इसकी सूचना एंटी करप्शन टीम को दी तो टीम भी हरकत में आ गई। टीम द्वारा शिकायतकर्ता वंश चौधरी को दस हजार रूपये दिए गए और लेखपाल के बताए स्थान पर भेजा गया।
ऐसे किया गिरफ्तार
लेखपाल नरेंद्र कुमार गौड़ ने पीड़ित को जिला मुख्यालय पर बुलाया। टीम भी वंश पर नजर जमाकर इर्द-गिर्द घूमती रही, इसी बीच लेखपाल नरेंद्र कुमार गौड़ भी सामने नजर आया। जैसे ही उसने रूपये अपने हाथ में लिए, टीम ने उसे गिरफ्तार कर लिया। प्राथमिक तौर पर एंटी करप्शन टीम के द्वारा दिए गए रूपये और लेखपाल से बरामद हुए रूपये एक ही थे, जिसके आधार पर एंटी करप्शन टीम के द्वारा आरोपी लेखपाल को नगर कोतवाली ले जाया गया। जहां लेखपाल ने अपनी तबियत बिगड़ने का हवाला दिया, जिसके बाद टीम उसे लेकर गढ रोड स्थित सीएचसी लेकर पहुंची, जहां लेखपाल का डॉक्टरों द्वारा परीक्षण कराया गया।
टीम हुई रवाना
इस मामले पर जब एंटी करप्शन टीम के अधिकारियों से बात की तो उन्होंने बताया कि घूस लेते हुए लेखपाल को गिरफ्तार किया गया है। टीम लेखपाल को जनपद मेरठ के लिए रवाना हो गई है, टीम लेखपाल को मेरठ में स्थित
एंटी करप्शन कोर्ट में पेश करेगी।आगे की विधिक कार्यवाही की जा रही है।