नई दिल्ली: यौन अपराध से पीड़ित बच्चे की पहचान उजागर न करें डॉक्टर

नई दिल्ली, 16 अप्रैल : यौन अपराधों से पीड़ित बच्चों के इलाज के दौरान डॉक्टरों को मामले की जानकारी पुलिस -प्रशासन को अनिवार्य रूप से देनी चाहिए। साथ ही पीड़ित की पहचान को गोपनीय रखना चाहिए। यह बातें दिल्ली मेडिकल एसोसिएशन (डीएमए) के अध्यक्ष डॉ गिरीश त्यागी ने बुधवार को आयोजित एक कानूनी जानकारी से संबंधित विशेष सत्र में कहीं।

चिकित्सा -कानून जागरूकता सत्र का आयोजन नालसा और डीएसएलएसए के तत्वावधान में केंद्रीय एवं पश्चिमी जिला विधिक सेवा प्राधिकरणों के सहयोग से दरियागंज स्थित डीएमए कार्यालय में किया गया। इस दौरान जिला न्यायाधीश हरजीत सिंह जसपाल ने डॉक्टरों को पोक्सो अधिनियम, 2012 और पोश अधिनियम, 2013 के संबंध में जागरूक किया। उन्होंने बताया कि डॉक्टरों को पोक्सो अधिनियम से संबंधित मामलों में उचित दस्तावेज तैयार करने चाहिए। वहीं 10 से अधिक कर्मचारियों वाले सभी संस्थानों में पोश से जुड़े मामलों की जांच के लिए एक आंतरिक शिकायत समिति का गठन करना चाहिए।इस अवसर पर डॉ सतीश लांबा और डॉ अजय लेखी प्रमुख रूप से मौजूद रहे।

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