पीएम मोदी ने तीन नई वंदे भारत ट्रेनों को दिखाई हरी झंडी; मदुरै से बेंगलुरु, चेन्नई से नागरकोइल, और मेरठ से लखनऊ के बीच चलेंगी

अभिषेक ब्याहुत
तमिलनाडु

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से तीन वंदे भारत ट्रेनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह नई वंदे भारत ट्रेनें मदुरै से बेंगलुरु, चेन्नई से नागरकोइल, और मेरठ से लखनऊ के बीच चलेंगी।

देश की अत्याधुनिक सेमी हाईस्पीड ट्रेन वंदे भारत के बेड़े में आज तीन नई ट्रेनों का तमिलनाडु और उत्तरप्रदेश में लोगों ने जगह जगह स्वागत किया। इस अवसर पर प्रधानमत्री ने कहा कि इन वंदे भारत ट्रेनों के संचालन से टेंपल सिटी मदुरै और आईटी सिटी बंगलोर सीधे सीधी जुड़ जाएगा। साथ ही त्रतीर्थयात्रियों के लिए बहुत कारगर सिद्ध होगी और रोजगार के नए साधन तैयार हो रहा है।

इस मौके पर पीएम ने तमिलनाडु और कर्नाटक के बजट में हुई बढ़ोत्तरी का जिक्र भी किया जिससे दक्षिण राज्यों में रेल ट्रांसपोर्ट और मजबूत होगा। उन्होंने दक्षिणी राज्यों में विकिसत भारत 2047 के तहत तेजी से विकास करने पर भी जोर दिया।

वंदे भारत ट्रेनों की बढ़ती मांग

वंदे भारत ट्रेनें, अपने आरामदायक और तेज सफर के कारण यात्रियों के बीच बेहद लोकप्रिय हो रही हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बताया कि वर्तमान में, 102 वंदे भारत ट्रेनें देशभर में चल रहीं हैं। इन ट्रेनों में अब तक करीब 300 करोड़ से ज्यादा यात्री सफर कर चुके हैं जिससे वंदे भारत पहल की सफलता का पता चलता है। पीएम मोदी ने इस कार्यक्रम में वंदे भारत स्लीपर और वंदे मेट्रो ट्रेन शुरू करने की योजना का ऐलान भी किया। इसके अलावा, उन्होंने कहा कि देशभरके 1300 से ज्यादा रेलवे स्टेशनों पर पुनर्निर्माण का काम चल रहा है।

वंदे भारत ट्रेनों का निर्माण तीव्र गति से हो रहा है और जैसे-जैसे उनके रैक तैयार हो रहे हैं, उन्हें यात्रियों की मांग वाले महत्वपूर्ण रूटों पर तैनात किया जा रहा है। इस कड़ी में आज तीन और ट्रेनें वंदे भारत बेड़े में शामिल हुईं।

महत्वपूर्ण शहरों के बीच नए रूट्स

मदुरै से बेंगलुरु के बीच शुरू की गई वंदे भारत ट्रेन, मीनाक्षी देवी मंदिर और भगवान मुर्गान मंदिर के लिए प्रसिद्ध मदुरै और टेक हब बेंगलुरु को जोड़ेगी। चेन्नई से नागरकोइल के बीच चलाई गई ट्रेन, इन दोनों शहरों के बीच यातायात को सुगम बनाएगी। वहीं, मेरठ और लखनऊ के बीच की ट्रेन उत्तर प्रदेश के दो ऐतिहासिक और महत्वपूर्ण शहरों को आपस में जोड़ेगी।

यात्रियों के लिए राहत

वंदे भारत ट्रेनें अपनी उच्च गति और अत्याधुनिक सुविधाओं के कारण यात्रियों को एक नया अनुभव प्रदान करती हैं। इन ट्रेनों की मदद से यात्रियों का सफर समय में कमी और आराम में वृद्धि लेकर आता है। आने वाले समय में, वंदे भारत ट्रेनों में स्लीपर कोचों का भी संचालन शुरू किया जाएगा, जिससे लंबी दूरी के सफर में यात्रियों को और भी सहूलियत मिलेगी।

वंदे भारत का विस्तार

वंदे भारत की पहली ट्रेन 15 फरवरी, 2019 को नई दिल्ली से वाराणसी के बीच शुरू की गई थी। उसके बाद से यह ट्रेनों की संख्या और उनकी पहुंच लगातार बढ़ती जा रही है। इन नई ट्रेनों के संचालन से देश के कई महत्वपूर्ण शहरों के बीच यात्रा करना और भी आसान हो जाएगा।

भविष्य की योजनाएं

रेलवे की योजना है कि जल्द ही वंदे भारत ट्रेनें पूरे देश में व्यापक रूप से परिचालित हों। इसके साथ ही स्लीपर कोच वाली वंदे भारत ट्रेनों के भी जल्द ही संचालन की संभावना है, जिससे लंबी दूरी के सफर में और भी तेजी आएगी। यह योजना रेलवे के आधुनिकीकरण और यात्री अनुभव को बेहतर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

इन नई ट्रेनों के साथ, वंदे भारत ट्रेन बेड़े का विस्तार और भी मजबूत हो गया है, और यह आने वाले समय में भारतीय रेल के लिए एक नया मानक स्थापित करेगा।

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