सदर बाजार के जी का जंजाल बन रहा बिजली के तारों का जाल

  • सदर बाजार चौक, बाराटूटी चौक, कुतुब रोड और तेलीवाड़ा चौक पर 24 घंटे दमकल की गाड़ियां तैनात करने की मांग
  • इलाके को बिजली और टेलीफोन की तारों से निजात दिलाने और विकास कार्यों के लिए सदर बाजार विकास बोर्ड के गठन की भी मांग

रिपोर्ट: हेमंत कुमार

नई दिल्ली, टॉप स्टोरी न्यूज नेटवर्क: भीषण गर्मी और गर्म हवाओं ने जहां राजधानी दिल्ली का तापमान चरम पर पहुंचा दिया है। वहीं, कूलर, पंखे और एसी के लगातार इस्तेमाल से बिजली की तारों पर ओवरलोड पड़ रहा है। नतीजतन शॉर्ट सर्किट होने के साथ एसी के कम्प्रेसर फट रहे हैं और जगह – जगह आग लगने की घटनाएं सामने आ रही हैं। हालांकि, इन घटनाओं में किसी की जान नहीं गई है लेकिन सरकार को भारी मात्रा में टैक्स देने वाले निर्दोष व्यापारियों का लाखों – करोड़ों का माल स्वाहा हो गया है।

यह बातें फेडरेशन ऑफ सदर बाजार एसोसिएशन के अध्यक्ष परमजीत सिंह पम्मा ने कहीं। उन्होंने कहा कि सरकार अग्निकांड प्रभावित लोगों को हमेशा मुआवजा और पुनर्वास की सुविधा प्रदान करती है लेकिन सरकारी खजाने को भरने वाले व्यापारियों को ही इस सुविधा से वंचित रखा जाता है। उन्होंने कहा, सरकार व्यापारियों की समस्याओं का समाधान निकालने की बजाय समस्याओं की उपेक्षा कर रही है।

पम्मा ने कहा, सदर बाजार दिल्ली ही नहीं उत्तर भारत का सबसे बड़ा व्यापारिक केंद्र है जहां छोटी और तंग गलियों में स्थित दुकानों से कारोबार होता है। इस क्षेत्र में बिजली की आपूर्ति और संचार के लिए बेतरतीब तरीके से तारों का जाल फैला है जो अकसर ओवरलोडिंग और शॉर्ट सर्किट के कारण अग्निकांड की बड़ी वजह बन जाता है।

उन्होंने कहा, बिजली और टेलीफोन की तारों के जाल में फंसा दिल्ली का ऐतिहासिक इलाका हर पल अग्निकांड संभावित क्षेत्र बना रहता है। इन तारों को हटाकर क्षेत्र की सुरक्षा सुनिश्चित की जानी चाहिए। हालांकि, स्थानीय व्यापारियों ने अपने निजी खर्चे पर बारी मार्केट और बजाज मार्केट समेत अनेक बाजारों में बेतरतीब तरीके से लटक रही तारों का जाल हटाने और नई तारों को लगाने का काम किया है। लेकिन सम्पूर्ण क्षेत्र में ऐसा करना सभी व्यापारियों के लिए संभव नहीं है।

पम्मा ने कहा, इलाके में आग लगने की घटना के बाद अग्निशमन विभाग की गाड़ियां छोटी, संकरी और तंग गलियों में आग बुझाने के लिए समय पर नहीं पहुंच पाती हैं। और जब पहुंचती हैं तो सबकुछ जल कर खाक हो चुका होता है। इस संबंध में हमारी सरकार से मांग है कि इलाके के बाराटूटी चौक, कुतुब रोड चौक, तेलीवाड़ा और सदरबाजार चौक पर अग्निशमन विभाग की गाड़ियां 24 घंटे तैनात रखें ताकि आग लगने की स्थिति में दमकल की गाड़ियां तुरंत मौके पर पहुंच सकें।

इसके साथ ही पम्मा ने सदर बाजार विकास बोर्ड का गठन करने की भी मांग की। उन्होंने कहा, इस बोर्ड में बिजली वितरण कंपनी बीएसईएस, महानगर टेलीफोन निगम लिमिटेड, दिल्ली नगर निगम, दिल्ली अग्निशमन विभाग, दिल्ली विकास प्राधिकरण के साथ व्यापार संगठनों के प्रतिनिधियों को शामिल किया जाए। ताकि इलाके को तारों के जंजाल से मुक्त करने के साथ विकास कार्यों में तेजी लाई जा सके और कारोबारियों के जान माल के नुकसान की आशंका को समाप्त किया जा सके।

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