Radhashtami Celebration: नोएडा इस्कॉन मंदिर में तैयारियां तेज, 19 सितंबर को होगा राधा-कृष्ण का विशेष अभिषेक
नोएडा। सेक्टर-33 स्थित इस्कॉन मंदिर में राधाष्टमी महोत्सव को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। 19 सितंबर को आयोजित होने वाले इस धार्मिक उत्सव के लिए मंदिर परिसर में साफ-सफाई के साथ श्रद्धालुओं की सुविधा से जुड़ी व्यवस्थाएं की जा रही हैं। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना को देखते हुए मंदिर प्रबंधन आने-जाने और दर्शन की व्यवस्था भी तैयार कर रहा है।
मंदिर प्रबंधन के अनुसार राधाष्टमी का मुख्य कार्यक्रम सुबह 10 बजे से दोपहर एक बजे तक आयोजित किया जाएगा। इस दौरान राधा-कृष्ण का विशेष पंचामृत अभिषेक किया जाएगा। अभिषेक में दूध, दही, घी, शहद, फलों के रस, पुष्प और अन्य पूजन सामग्री का प्रयोग किया जाएगा।
राधाष्टमी के अवसर पर मंदिर में भक्ति और संकीर्तन का विशेष आयोजन भी होगा। बड़ी संख्या में महिलाएं एक साथ बैठकर भजन करेंगी। इसके साथ ही हरिनाम संकीर्तन का आयोजन किया जाएगा। मंदिर परिसर को आयोजन के अनुरूप तैयार किया जा रहा है, ताकि श्रद्धालु व्यवस्थित तरीके से राधा-कृष्ण के दर्शन कर सकें और धार्मिक कार्यक्रमों में शामिल हो सकें।
मंदिर प्रबंधन की ओर से श्रद्धालुओं के लिए प्रसाद की व्यवस्था भी की जाएगी। कार्यक्रम में शामिल होने वाले भक्तों को फल का प्रसाद वितरित किया जाएगा। आयोजन में बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने की संभावना के मद्देनजर मंदिर में प्रवेश और निकास को व्यवस्थित रखने पर भी ध्यान दिया जा रहा है।
राधाष्टमी को भगवान श्रीकृष्ण की आह्लादिनी शक्ति श्रीराधा रानी के प्राकट्य उत्सव के रूप में मनाया जाता है। इसी कारण इस्कॉन मंदिर में इस दिन राधा-कृष्ण की विशेष पूजा, अभिषेक, भजन और हरिनाम संकीर्तन का आयोजन किया जाएगा। श्रद्धालुओं के लिए राधा-कृष्ण के विशेष दर्शन भी आकर्षण का केंद्र रहेंगे।
मंदिर प्रबंधन के अनुसार राधाष्टमी महोत्सव श्रीकृष्ण जन्माष्टमी से जुड़े प्रमुख आयोजनों की श्रृंखला का अंतिम बड़ा कार्यक्रम होगा। जन्माष्टमी के बाद अब राधाष्टमी को लेकर मंदिर में तैयारियां की जा रही हैं और श्रद्धालुओं के स्वागत के लिए आवश्यक व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया जा रहा है।
इस्कॉन मंदिर के अलावा नोएडा के अन्य धार्मिक स्थलों, आवासीय सोसाइटियों और घरों में भी राधाष्टमी मनाने की तैयारियां की जा रही हैं। श्रद्धालु पूजा-अर्चना, भजन-कीर्तन और धार्मिक अनुष्ठानों के माध्यम से राधाष्टमी का पर्व मनाएंगे।


