Sanatan Dharma: सेवा और साधना सनातन का मूल, यह धर्म नहीं, चेतना का आधार – नायब सैनी

Sanatan Dharma: सेवा और साधना सनातन का मूल, यह धर्म नहीं, चेतना का आधार – नायब सैनी

 विश्व सनातन धर्म सभा द्वारा सनातन धर्म से संबंधित 77 संतों और प्रमुख हस्तियों का सम्मान

रिपोर्ट: कोमल रमोला

चंडीगढ़, 16 सितंबर:

हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा है कि सेवा और साधना सनातन धर्म के मूल आधार हैं और हमारे शास्त्रों ने सेवा, प्रकृति की रक्षा तथा समाज को जोड़ने को विशेष महत्व दिया है। उन्होंने कहा कि सनातन धर्म मनुष्य को जीवन जीने की कला और मानवता की सेवा की प्रेरणा देता है। हमारे धार्मिक स्थल केवल धार्मिक ही नहीं, बल्कि सामाजिक चेतना के आधार भी हैं।

सैनी चंडीगढ़ में विश्व सनातन धर्म सभा द्वारा आयोजित विशेष सम्मान समारोह को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर सनातन धर्म से संबंधित 77 समुदायों के संतों, धार्मिक नेताओं और विभिन्न क्षेत्रों में महत्वपूर्ण योगदान देने वाली प्रमुख हस्तियों को सम्मानित किया गया। समारोह में पंजाब के 51 शहरों से सनातन धर्म से संबंधित प्रमुख हस्तियों ने भाग लिया।

समारोह में पंजाब भाजपा के संगठन मंत्री मंथरी निवासलू, दिव्य ज्योति जागरण संस्थान के संत गुरु कृपा जी, रणजीत आनंद, काली माता मंदिर पटियाला के महंत संत राजेंद्र कौशक, दुर्गियाना मंदिर तीर्थ के राकेश शर्मा, दुर्गा मंदिर जालंधर कमेटी के वरिंदर मित्तल, देवी दयाल, राम गोपाल सहित विश्व सनातन धर्म सभा के पदाधिकारी, कार्यकर्ता और अन्य प्रमुख हस्तियां उपस्थित थीं।

➖ *17 सितंबर नए संकल्प का समय*
इस अवसर पर संबोधित करते हुए नायब सिंह सैनी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 17 सितंबर को जन्मदिन के अवसर पर हमें नया संकल्प लेने का मौका मिलता है। उन्होंने कहा कि 2047 तक विकसित भारत के सपने को साकार करने के लिए समाज के हर वर्ग को अपना योगदान देना चाहिए।

नशे की समस्या का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि आज समाज को नशे से बचाना बड़ी आवश्यकता है। नशे की गिरफ्त में आए लोगों के प्रति सहानुभूतिपूर्ण रवैया अपनाते हुए उन्हें नशे के दलदल से बाहर निकालने के लिए सामूहिक प्रयास किए जाने चाहिए।

➖ *भारतीय भक्ति आंदोलन का महत्व*
उन्होंने कहा कि भारत की आध्यात्मिक और सांस्कृतिक परंपराओं का वैश्विक स्तर पर अपना महत्व है। उन्होंने श्री गुरु नानक देव जी के ‘किरत करो, नाम जपो और वंड छको’ के दर्शन तथा श्री गुरु रविदास जी की ‘बेगमपुरा’ की अवधारणा का उल्लेख करते हुए कहा कि हमारे गुरुओं और संतों की वाणी का मूल उद्देश्य मनुष्य को मनुष्य से जोड़ना और समाज में भाईचारे को मजबूत करना है। उन्होंने कहा कि श्रीमद्भगवद्गीता का संदेश भी समस्त मानवता के लिए प्रेरणा का स्रोत है।

नायब सिंह सैनी ने सम्मानित हस्तियों को सम्मानित करने के बाद अपने संबोधन में कहा कि इन व्यक्तियों ने समाज सेवा, धार्मिक और अन्य क्षेत्रों में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। उन्होंने कहा कि इन सम्मानित हस्तियों में शामिल होकर उन्हें बेहद खुशी महसूस हुई है। उन्होंने पंजाब के लोगों की ओर से हमेशा मिलने वाले प्यार और आशीर्वाद के लिए भी धन्यवाद व्यक्त किया।

इस अवसर पर विश्व सनातन धर्म सभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पंजाब के पूर्व विधायक अश्वनी सेखडी ने सभा की गतिविधियों के बारे में जानकारी दी और सम्मानित की गई हस्तियों के सामाजिक एवं धार्मिक योगदान पर प्रकाश डाला।

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