Electric Shock: करंट से मजदूर की मौत मामले में मकान मालिक पर केस दर्ज, एक अन्य घायल
नोएडा। सोरखा गांव में निर्माणाधीन मकान में काम करने के दौरान करंट लगने से मजदूर की मौत के मामले में पुलिस ने मकान मालिक के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। आरोप है कि निर्माणाधीन मकान में बिजली के तार लापरवाही से लगाए गए थे, जिसके कारण मजदूर करंट की चपेट में आ गया। उसे बचाने पहुंचे राजमिस्त्री को भी करंट लग गया और वह गंभीर रूप से घायल हो गया।
पुलिस के अनुसार शाहजहांपुर के कांट थाना क्षेत्र के सतिरया गांव निवासी 21 वर्षीय सोबरन पिछले कुछ दिनों से सोरखा गांव में खेमचंद के मकान में राजमिस्त्री विजय कुमार के साथ बेलदारी का काम कर रहा था। 15 अगस्त की शाम करीब चार बजे दोनों निर्माणाधीन मकान में काम कर रहे थे। इसी दौरान सोबरन बिजली के करंट की चपेट में आ गया।
सोबरन को करंट लगने के बाद राजमिस्त्री विजय कुमार उसे बचाने के लिए आगे बढ़ा। इस दौरान वह भी बिजली के संपर्क में आ गया और उसे करंट लग गया। हादसे के बाद मौके पर मौजूद लोगों ने दोनों को किसी तरह वहां से निकाला और सेक्टर-39 स्थित जिला अस्पताल पहुंचाया।
अस्पताल में चिकित्सकों ने जांच के बाद सोबरन को मृत घोषित कर दिया। वहीं विजय कुमार की हालत गंभीर बताई गई। घटना की जानकारी मिलने के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की।
मृतक के चचेरे भाई शिवराज शर्मा ने पुलिस को दी शिकायत में आरोप लगाया कि मकान मालिक खेमचंद ने मकान में बिजली के तार पुराने और जर्जर होने के बावजूद उन्हें लापरवाही से लगाया हुआ था। शिकायतकर्ता के मुताबिक बिजली के तारों की खराब स्थिति और लापरवाही के कारण ही सोबरन और विजय कुमार करंट की चपेट में आए।
पुलिस ने शिकायत के आधार पर मकान मालिक खेमचंद के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस अब घटना के कारणों और निर्माणाधीन मकान में बिजली व्यवस्था की स्थिति की जांच कर रही है। साथ ही हादसे से जुड़े अन्य तथ्यों को भी जुटाया जा रहा है।
हादसे में जान गंवाने वाला सोबरन महज 21 वर्ष का था और शादीशुदा था। उसकी मौत के बाद परिवार में मातम पसरा हुआ है। पुलिस की जांच के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि बिजली के तारों को किस तरह लगाया गया था और हादसे के लिए जिम्मेदारी किस स्तर पर तय होती है।

