Ganga Water Supply: नोएडा और ग्रेटर नोएडा ईस्ट में 21 अक्टूबर से गंगाजल आपूर्ति बंद, सात नवंबर तक परेशानी की आशंका
गंगनहर की वार्षिक सफाई के कारण 21 अक्टूबर से नोएडा और ग्रेटर नोएडा ईस्ट में गंगाजल की आपूर्ति प्रभावित होने जा रही है। गाजियाबाद के रास्ते नोएडा तक पहुंचने वाली गंगाजल आपूर्ति करीब सात नवंबर तक बंद रहने की संभावना है। इसके चलते दोनों क्षेत्रों में पेयजल की उपलब्धता पर असर पड़ सकता है और लोगों को पानी की किल्लत का सामना करना पड़ सकता है। विशेष रूप से ग्रेटर नोएडा ईस्ट में ऊपरी गंगनहर की सफाई के कारण लगभग 15 दिनों तक जलापूर्ति प्रभावित रहने की आशंका है। दिवाली तक पानी की आपूर्ति सामान्य हो पाएगी या नहीं, इसे लेकर भी संशय बना हुआ है।
संभावित जल संकट से निपटने के लिए नोएडा प्राधिकरण ने वैकल्पिक व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने की तैयारी शुरू की है। प्राधिकरण अगले 12 दिनों में नलकूपों की मरम्मत कराने और रेनीवेल की व्यवस्था को दुरुस्त करने की योजना पर काम करेगा। उद्देश्य यह है कि गंगाजल की आपूर्ति बंद रहने के दौरान आवश्यकता पड़ने पर इन वैकल्पिक स्रोतों से अधिक मात्रा में पानी उपलब्ध कराया जा सके। प्राधिकरण के अधिकारियों के अनुसार, नलकूपों की मरम्मत का काम पूरा कराने के साथ रेनीवेल को भी उनकी क्षमता के अनुसार संचालित करने की तैयारी की जाएगी। इन व्यवस्थाओं के जरिए शहरवासियों को पेयजल उपलब्ध कराने का प्रयास होगा।
नोएडा प्राधिकरण के जल विभाग के महाप्रबंधक आरपी सिंह ने बताया कि नलकूपों और रेनीवेल को उनकी पूरी क्षमता के साथ संचालित करने की कोशिश की जाएगी। इसके बावजूद कुछ क्षेत्रों में पानी की कमी बनी रह सकती है। ऐसे इलाकों में जरूरत के अनुसार टैंकरों के माध्यम से जलापूर्ति की जाएगी। प्राधिकरण की योजना है कि गंगाजल बंद रहने की अवधि में वैकल्पिक स्रोतों का अधिकतम उपयोग करके लोगों की आवश्यकताओं को पूरा किया जाए। हालांकि, पानी की वास्तविक उपलब्धता और स्थानीय जरूरतों के अनुसार कुछ क्षेत्रों में लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
गाजियाबाद गंगाजल प्लांट के प्रभारी ब्रह्मानंद ने बताया कि 21 अक्टूबर की आधी रात को गंगाजल की आपूर्ति बंद कर दी जाएगी। उनके अनुसार, सात नवंबर की आधी रात के बाद हरिद्वार से गंगनहर में पानी छोड़ा जाएगा। पानी छोड़े जाने के बाद छठ पर्व को ध्यान में रखते हुए शुरुआती पानी हिंडन नदी में छोड़ा जाएगा। इसके बाद ही पानी गंगाजल प्लांट तक पहुंच सकेगा और आगे की आपूर्ति बहाल करने की प्रक्रिया शुरू होगी। उन्होंने बताया कि इस संबंध में नगर निगम और गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (जीडीए) को पहले ही अवगत कराया जा चुका है, ताकि वे अपनी व्यवस्था के माध्यम से लोगों को पेयजल उपलब्ध कराने की तैयारी कर सकें। वार्षिक सफाई के दौरान जलापूर्ति बनाए रखना संबंधित विभागों के लिए चुनौती रहेगा और लोगों को उपलब्ध वैकल्पिक व्यवस्था के अनुसार पानी दिया जाएगा।

