Dussehra Security: नोएडा में 35 स्थानों पर रावण दहन और 200 से अधिक दुर्गा प्रतिमाओं का विसर्जन, सुरक्षा में 2200 पुलिसकर्मी तैनात
नोएडा और गौतमबुद्ध नगर जिले में दशहरा तथा दुर्गा प्रतिमा विसर्जन के कार्यक्रमों को देखते हुए मंगलवार को व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की गई। जिले में करीब 35 स्थानों पर रावण दहन के कार्यक्रम आयोजित किए गए, जबकि लगभग 200 स्थानों पर स्थापित दुर्गा प्रतिमाओं के विसर्जन का आयोजन हुआ। इन कार्यक्रमों के दौरान भीड़ को नियंत्रित करने, श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने और किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए करीब 2200 पुलिसकर्मियों की ड्यूटी लगाई गई। नोएडा स्टेडियम में दशहरा महोत्सव देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग पहुंचे। इसके अलावा जेवर, दादरी, रबूपुरा, कासना, बिलासपुर, सूरजपुर और जिले के अन्य इलाकों में भी रावण दहन के कार्यक्रमों में लोगों की भीड़ जुटी।
अपर पुलिस आयुक्त राजीव नारायण मिश्र ने बताया कि सभी प्रमुख आयोजन स्थलों पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे। पुलिस ने रामलीला समितियों और दुर्गा पूजा के आयोजकों के साथ पहले ही बैठकें करके आवश्यक दिशा-निर्देश दिए थे। अधिकारियों का विशेष ध्यान भीड़ प्रबंधन, आग से सुरक्षा और किसी भी आपात स्थिति में तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित करने पर रहा। जिले के तीनों पुलिस जोन में पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया गया था। आयोजन स्थलों पर भीड़ के आकार और स्थानीय परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए सुरक्षा प्रबंध किए गए, ताकि लोगों को कार्यक्रम देखने के दौरान अनावश्यक परेशानी न हो।
जिले में लगभग 200 दुर्गा पूजा पंडाल स्थापित किए गए थे, जबकि 35 स्थानों पर रामलीला का मंचन हुआ। दशहरे के अवसर पर इन्हीं रामलीला स्थलों पर रावण दहन के कार्यक्रम आयोजित किए गए। नोएडा जोन में 99 दुर्गा पूजा पंडाल स्थापित किए गए थे और चार स्थानों पर रामलीला का मंचन हुआ। इस जोन में 13 स्थानों पर रावण दहन के कार्यक्रम आयोजित किए गए। पुलिसकर्मी आयोजन स्थलों पर आने-जाने वाले लोगों की निगरानी करने और भीड़ को व्यवस्थित रखने में लगे रहे। अपर पुलिस आयुक्त राजीव नारायण मिश्र के मुताबिक, तीनों जोन में प्रांतीय सशस्त्र कांस्टेबुलरी (पीएसी) की तैनाती भी की गई थी। वरिष्ठ पुलिस अधिकारी लगातार सुरक्षा व्यवस्था पर नजर बनाए हुए थे।
सेक्टर-21ए स्थित नोएडा स्टेडियम में श्री सनातन धर्म रामलीला समिति की ओर से दशहरा महोत्सव का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण रावण, कुंभकरण और मेघनाद के विशाल पुतलों का दहन रहा। इस बार रावण का पुतला 80 फीट ऊंचा बनाया गया था, जबकि कुंभकरण का पुतला 75 फीट और मेघनाद का पुतला 65 फीट ऊंचा था। रंग-बिरंगी सजावट और बिजली की रोशनी से सजे इन पुतलों को देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग स्टेडियम पहुंचे। पुतला दहन के साथ आतिशबाजी भी की गई। इसके अलावा सेक्टर-62 और सेक्टर-46 में भी रावण दहन के कार्यक्रम आयोजित किए गए। इन स्थानों पर भी लोगों की भारी भीड़ पहुंची, जिसके चलते पुलिस ने भीड़ नियंत्रण और सुरक्षा व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया।
दुर्गा पूजा पंडालों और रावण दहन स्थलों पर आग लगने की आशंका को देखते हुए अग्निशमन विभाग को भी सतर्क रखा गया। विभाग की ओर से 26 अग्निशमन गाड़ियों और 250 अग्निशमनकर्मियों को तैयार रखा गया था। आयोजकों को पंडालों में बिजली के तारों, रोशनी और सजावट से संबंधित व्यवस्थाओं में विशेष सावधानी बरतने के निर्देश दिए गए थे। पुलिस और अग्निशमन विभाग के अधिकारियों ने आयोजन स्थलों की व्यवस्थाओं का जायजा लिया, ताकि आग लगने या किसी अन्य आपात स्थिति में तत्काल कार्रवाई की जा सके।
सुरक्षा व्यवस्था के तहत सोशल मीडिया पर भ्रामक सूचनाएं फैलाने वालों पर नजर रखने के लिए दो टीमें भी बनाई गई थीं। पुलिस अधिकारियों का उद्देश्य था कि धार्मिक आयोजनों के दौरान अफवाहों और गलत सूचनाओं से किसी तरह की अव्यवस्था न फैले। तीनों जोन के पुलिस उपायुक्त (डीसीपी), अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त (एडीसीपी) और अन्य वरिष्ठ अधिकारी लगातार निगरानी कर रहे थे। पुलिस, पीएसी और अग्निशमन विभाग की संयुक्त तैयारियों के बीच जिले में दशहरा, रावण दहन और दुर्गा प्रतिमा विसर्जन के कार्यक्रमों के दौरान सुरक्षा तथा भीड़ प्रबंधन पर विशेष जोर दिया गया।

