Himachal Pradesh: टांडा मेडिकल कॉलेज में बढ़ेंगी 100 पीजी सीटें, सरकारी स्कूलों में बड़े बदलाव का सीएम सुक्खू का ऐलान
Himachal Pradesh: टांडा मेडिकल कॉलेज में बढ़ेंगी 100 पीजी सीटें, सरकारी स्कूलों में बड़े बदलाव का सीएम सुक्खू का ऐलान
शिमला। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा है कि हिमाचल प्रदेश सरकार शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्र को मजबूत करने के साथ व्यवस्था परिवर्तन के जरिए प्रदेश को आत्मनिर्भर और समृद्ध बनाने की दिशा में आगे बढ़ रही है। मुख्यमंत्री सोमवार को कांगड़ा जिले के नगरोटा बगवां में आयोजित बाल मेले में बतौर मुख्य अतिथि पहुंचे। इस दौरान उन्होंने कई विकास परियोजनाओं की आधारशिला रखी और क्षेत्र के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं भी कीं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के चिकित्सा महाविद्यालयों में विशेषज्ञ चिकित्सकों की संख्या बढ़ाने के लिए 330 नई पीजी सीटें बढ़ाने की दिशा में काम किया जा रहा है। इसमें डॉ. राजेंद्र प्रसाद चिकित्सा महाविद्यालय टांडा में ही 100 पीजी सीटों की बढ़ोतरी होगी। सरकार के इस फैसले से भविष्य में विशेषज्ञ चिकित्सकों की उपलब्धता बढ़ने के साथ प्रदेश के लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिलने की उम्मीद है।
उन्होंने कहा कि प्रदेश के मेडिकल कॉलेजों और अस्पतालों में लंबे समय से चली आ रही आधुनिक चिकित्सा उपकरणों की कमी को भी दूर किया जा रहा है। टांडा मेडिकल कॉलेज समेत अन्य संस्थानों में अत्याधुनिक मशीनें स्थापित की जा रही हैं, ताकि गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए मरीजों को हिमाचल से बाहर या निजी अस्पतालों का रुख न करना पड़े।
मुख्यमंत्री ने दावा किया कि हिमाचल सरकारी क्षेत्र में रोबोटिक सर्जरी शुरू करने वाला देश का पहला राज्य बन गया है। इसके अलावा सभी सरकारी मेडिकल कॉलेजों में तीन टेस्ला एमआरआई मशीनें स्थापित की जा रही हैं। आईजीएमसी शिमला और एआईएमएसएस चमियाना में यह सुविधा उपलब्ध कराई जा चुकी है। जिला और क्षेत्रीय अस्पतालों में 1.5 टेस्ला एमआरआई, पीईटी स्कैन, सीटी स्कैन और आधुनिक कैंसर उपचार की सुविधाएं विकसित की जा रही हैं। 16 से 20 वर्ष पुराने चिकित्सा उपकरणों को भी चरणबद्ध तरीके से बदला जा रहा है।
शिक्षा व्यवस्था को लेकर मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार सरकारी स्कूलों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराने पर विशेष ध्यान दे रही है। उनके अनुसार, इस वर्ष करीब 24 हजार विद्यार्थियों ने निजी स्कूल छोड़कर 150 सीबीएसई पाठ्यक्रम वाले सरकारी स्कूलों में प्रवेश लिया है। उन्होंने इसे सरकारी शिक्षा व्यवस्था के प्रति बढ़ते भरोसे का प्रमाण बताया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि अगले दो से चार वर्षों में सरकारी स्कूलों का स्वरूप पूरी तरह बदल जाएगा। सरकार इन स्कूलों को आधुनिक सुविधाओं और बेहतर शिक्षण व्यवस्था से सुसज्जित कर रही है, जिससे अधिक से अधिक अभिभावक अपने बच्चों को सरकारी स्कूलों में दाखिला दिलाने के लिए प्रेरित हों।
नगरोटा बगवां में मुख्यमंत्री ने 8.56 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले मॉडल पुलिस स्टेशन एवं पुलिस आवास, 9.62 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले ओल्ड एज होम और 8.65 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले ऑडिटोरियम की आधारशिला रखी।
उन्होंने बड़ोह में मिनी सचिवालय खोलने, बड़ोह पुलिस चौकी को पुलिस थाना बनाने और सेराथाना के हेल्थ सेंटर को अपग्रेड कर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बनाने की घोषणा भी की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार ने कर्मचारियों से किया गया पुरानी पेंशन योजना लागू करने का वादा पूरा किया है। प्राकृतिक आपदाओं के दौरान प्रभावित परिवारों को भी सरकार ने अपने संसाधनों से राहत उपलब्ध कराई है। उन्होंने कहा कि कठिन आर्थिक परिस्थितियों के बावजूद सरकार आपदा प्रभावित लोगों के साथ मजबूती से खड़ी रही।
पिछली सरकार के कार्यकाल में कथित भ्रष्टाचार और सरकारी संपत्तियों से जुड़े मामलों पर मुख्यमंत्री ने कहा कि इनकी निष्पक्ष जांच के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। उन्होंने बताया कि आगामी मंत्रिमंडल बैठक में व्हाइट पेपर कमेटी के गठन पर निर्णय लिया जा सकता है, ताकि तथ्यों को जनता के सामने रखा जा सके।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार कांगड़ा जिले के संतुलित और तेज विकास के लिए प्रतिबद्ध है। धर्मशाला में पर्यटन निगम के कार्यालय के अलावा रेरा और राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग के कार्यालय स्थानांतरित किए गए हैं। कांगड़ा एयरपोर्ट के विस्तार को भी प्राथमिकता दी जा रही है।
उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य वर्ष 2032 तक हिमाचल प्रदेश को आत्मनिर्भर, समृद्ध और देश के अग्रणी राज्यों में शामिल करना है। सरकार केवल योजनाएं बनाने तक सीमित नहीं रहना चाहती, बल्कि उनका प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित कर प्रत्येक नागरिक तक विकास का लाभ पहुंचाना चाहती है।
मुख्यमंत्री ने नगरोटा बगवां के विकास में दिवंगत जीएस बाली के योगदान को भी याद किया। उन्होंने कहा कि क्षेत्र के बुनियादी ढांचे के विकास और नगरोटा बगवां को नई पहचान दिलाने में उनकी दूरदर्शी सोच और प्रयासों की महत्वपूर्ण भूमिका रही। उन्होंने कहा कि मंत्री रहते हुए जीएस बाली ने हिमाचल में फोरलेन सड़कों के निर्माण का मुद्दा केंद्र सरकार के समक्ष प्रभावी ढंग से उठाया था।
मुख्यमंत्री ने स्थानीय विधायक और हिमाचल प्रदेश पर्यटन विकास निगम के अध्यक्ष आरएस बाली की भी क्षेत्र के विकास के लिए किए जा रहे कार्यों की सराहना की। कार्यक्रम में प्रदेश सरकार के कई मंत्री, विधायक, अधिकारी और बड़ी संख्या में स्थानीय लोग मौजूद रहे।





