हिमाचल प्रदेश

Himachal Cabinet: सुक्खू कैबिनेट के बड़े फैसले, PG स्टाइपेंड बढ़ा, आशा वर्कर्स का मानदेय बढ़ा, 3,950 भर्तियों समेत कई अहम घोषणाएं

Himachal Cabinet: सुक्खू कैबिनेट के बड़े फैसले, PG स्टाइपेंड बढ़ा, आशा वर्कर्स का मानदेय बढ़ा, 3,950 भर्तियों समेत कई अहम घोषणाएं

शिमला, 20 जुलाई : मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू की अध्यक्षता में सोमवार को आयोजित हिमाचल प्रदेश मंत्रिमंडल की बैठक में शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, कृषि, मत्स्य, खेल, बुनियादी ढांचे और प्रशासनिक सुधारों से जुड़े कई महत्वपूर्ण फैसलों पर मुहर लगाई गई। कैबिनेट ने प्रदेश के लाखों लोगों, विद्यार्थियों, कर्मचारियों, किसानों, मछुआरों और युवाओं को राहत देने वाले अनेक निर्णय लिए हैं।

स्वास्थ्य क्षेत्र को मजबूत करने के उद्देश्य से मंत्रिमंडल ने चिकित्सा शिक्षा एवं अनुसंधान विभाग के अंतर्गत कार्यरत मान्यता प्राप्त डीएम, एमसीएच और डीआरएनबी योग्यता प्राप्त सुपर स्पेशियलिटी फैकल्टी सदस्यों को नॉन-प्रैक्टिसिंग अलाउंस (एनपीए) देने का निर्णय लिया। इसके अलावा चिकित्सा शिक्षा विभाग के स्नातकोत्तर (पीजी) विद्यार्थियों के मासिक स्टाइपेंड में भी उल्लेखनीय बढ़ोतरी की गई है। अब प्रथम वर्ष के पीजी विद्यार्थियों को 50 हजार रुपये, द्वितीय वर्ष के विद्यार्थियों को 60 हजार रुपये और तृतीय वर्ष के विद्यार्थियों को 65 हजार रुपये प्रतिमाह स्टाइपेंड मिलेगा।

कैबिनेट ने शिक्षकों को प्रोत्साहित करने के लिए राष्ट्रीय और राज्य शिक्षक पुरस्कारों की नकद राशि में भी बड़ी वृद्धि को मंजूरी दी। अब राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार विजेताओं को 1.50 लाख रुपये और राज्य पुरस्कार प्राप्त शिक्षकों को एक लाख रुपये की नकद राशि दी जाएगी। साथ ही पुरस्कार प्राप्त शिक्षकों को सेवा विस्तार नहीं देने का भी निर्णय लिया गया।

ग्रामीण स्तर पर कार्यरत नंबरदारों को राहत देते हुए उनके मासिक मानदेय में 500 रुपये की वृद्धि कर इसे 4,500 रुपये से बढ़ाकर 5,000 रुपये प्रतिमाह कर दिया गया है। वहीं आशा कार्यकर्ताओं का मासिक मानदेय भी एक अप्रैल 2026 से 5,800 रुपये से बढ़ाकर 6,800 रुपये प्रतिमाह करने का फैसला लिया गया है।

स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार के तहत इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज (आईजीएमसी) शिमला और डॉ. राजेंद्र प्रसाद मेडिकल कॉलेज टांडा में बीएससी मेडिकल टेक्नोलॉजी (रेडियोथेरेपी टेक्नोलॉजिस्ट) तथा बैचलर ऑफ रेडिएशन थेरेपी टेक्नोलॉजी पाठ्यक्रम शुरू करने की मंजूरी दी गई है। दोनों संस्थानों में प्रत्येक पाठ्यक्रम के लिए प्रतिवर्ष 30-30 सीटें निर्धारित की गई हैं।

प्रदेश में आयुर्वेद को बढ़ावा देने के लिए हमीरपुर जिले के नादौन क्षेत्र के धनेटा में अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान (AIIA) स्थापित करने का निर्णय लिया गया है। इसके लिए 75 एकड़ भूमि चिन्हित की जाएगी। वहीं फसलोपरांत अवसंरचना को मजबूत करने के लिए कोल्ड स्टोरेज, फ्रीज-ड्राई यूनिट और रेफ्रिजरेटेड वाहनों पर 70 प्रतिशत अनुदान देने का फैसला भी लिया गया है।

मत्स्य क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए मुख्यमंत्री मछुआरा सम्मान निधि योजना शुरू करने का निर्णय लिया गया है। इसके तहत पात्र जलाशय मछुआरा परिवारों को मछली पकड़ने पर प्रतिबंध वाले मौसम के दौरान प्रतिवर्ष 3,500 रुपये की आर्थिक सहायता मिलेगी। इसके अलावा मछली पकड़ने वाली नौकाओं और फिशिंग गियर पर भी डीबीटी के माध्यम से 70 से 90 प्रतिशत तक अनुदान देने का फैसला किया गया है।

बैठक में शिक्षा और रोजगार से जुड़े कई बड़े फैसले भी लिए गए। शिक्षा विभाग में जूनियर ऑफिस असिस्टेंट (लाइब्रेरी) के 200 पद स्वीकृत किए गए हैं। पंचायती राज विभाग, स्वास्थ्य विभाग, पुलिस, योजना विभाग, अर्थशास्त्र एवं सांख्यिकी विभाग, जनजातीय विकास विभाग और अन्य विभागों में भी विभिन्न श्रेणियों के सैकड़ों नए पद भरने का निर्णय लिया गया।

प्रदेश की सभी ग्राम पंचायतों में 400 मल्टी-टास्क वर्कर नियुक्त किए जाएंगे। इसके अलावा राज्य के 1,975 सरकारी वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालयों में एक-एक चौकीदार और एक-एक मल्टी-टास्क वर्कर की नियुक्ति कर कुल 3,950 नए रोजगार सृजित किए जाएंगे। पुलिस विभाग में कांस्टेबल भर्ती के लिए आवेदन करने वाले अभ्यर्थियों को अधिकतम आयु सीमा में एक वर्ष की एकमुश्त छूट देने का भी फैसला किया गया है।

मंत्रिमंडल ने मुख्यमंत्री बाल पौष्टिक आहार योजना में संशोधन करते हुए राज्य के सभी सरकारी विद्यालयों में नर्सरी से कक्षा आठवीं तक के विद्यार्थियों को मिड-डे मील योजना के तहत सप्ताह में दो बार उबला हुआ अंडा अथवा मौसमी फल उपलब्ध कराने का निर्णय लिया है।

इसके अलावा सड़क सुरक्षा ऑडिट नीति को मंजूरी, विकासनगर (शिमला) में पीपीपी मॉडल पर बहुउद्देशीय वाणिज्यिक परिसर के निर्माण, शिमला, मंडी, धर्मशाला और ऊना में स्थायी लोक अदालतों की स्थापना, कोटी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के उन्नयन, बड़ोह में अग्निशमन चौकी की स्थापना, जाठिया देवी माउंटेन सिटी परियोजना, फोजल जलविद्युत परियोजना की क्षमता बढ़ाने तथा जल शक्ति विभाग में ऊर्जा दक्षता उपाय लागू करने सहित कई अन्य महत्वपूर्ण फैसलों पर भी कैबिनेट ने मुहर लगाई।

राज्य सरकार का कहना है कि इन फैसलों से स्वास्थ्य, शिक्षा, रोजगार, ग्रामीण विकास और बुनियादी ढांचे को नई गति मिलेगी तथा प्रदेश के विभिन्न वर्गों को सीधे तौर पर लाभ पहुंचेगा।

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