E-Bus Service: नोएडा-ग्रेटर नोएडा के प्रमुख औद्योगिक रूट ई-बस सेवा से बाहर, ऑटो पर निर्भर कर्मचारी

E-Bus Service: नोएडा-ग्रेटर नोएडा के प्रमुख औद्योगिक रूट ई-बस सेवा से बाहर, ऑटो पर निर्भर कर्मचारी
नोएडा और ग्रेटर नोएडा के औद्योगिक क्षेत्रों में आने-जाने वाले हजारों कर्मचारियों के लिए सार्वजनिक परिवहन की समस्या बनी हुई है। शहर में संचालित सिटी ई-बस सेवा के मौजूदा रूटों में अधिक यात्री संख्या वाले कई प्रमुख मार्ग शामिल नहीं हैं। इसके चलते कर्मचारियों और अन्य यात्रियों को आने-जाने के लिए ऑटो या निजी वाहनों पर निर्भर रहना पड़ रहा है।
औद्योगिक क्षेत्रों के लिए लंबे समय से प्रमुख मार्गों पर सिटी बस सेवा शुरू करने की मांग की जा रही है। ईकोटेक, साइट-4, साइट-सी और कासना औद्योगिक क्षेत्र में बड़ी संख्या में कर्मचारी रोजाना काम के लिए पहुंचते हैं। इनमें अलीगढ़, एटा, सिकंदराबाद, बुलंदशहर, दादरी, एनटीपीसी, गाजियाबाद और दनकौर सहित आसपास के कई क्षेत्रों से आने वाले कर्मचारी शामिल हैं।
सुबह कार्यालय और फैक्ट्री पहुंचने के समय तथा शाम को छुट्टी के बाद इन मार्गों पर यात्रियों की संख्या काफी बढ़ जाती है। सुबह करीब 7 से 10 बजे और शाम 5 से 8 बजे के बीच सिकंदराबाद-कासना-परी चौक-कुलेसरा-नोएडा, दादरी-सूरजपुर और कासना-परी चौक-सूरजपुर-गाजियाबाद जैसे मार्गों पर भारी भीड़ रहती है।
इन मार्गों पर रोडवेज या सिटी बस सेवा उपलब्ध नहीं होने के कारण यात्रियों के पास मुख्य रूप से ऑटो या निजी वाहनों का विकल्प बचता है। इससे यात्रियों को अधिक किराया देना पड़ता है और भीड़ के समय आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ता है।
औद्योगिक क्षेत्रों में काम करने वाले कर्मचारियों की बड़ी संख्या को देखते हुए इन रूटों पर सार्वजनिक परिवहन की जरूरत लंबे समय से महसूस की जा रही है। कर्मचारियों के लिए नियमित और सस्ती सार्वजनिक परिवहन सुविधा उपलब्ध होने से न केवल आवागमन आसान हो सकता है, बल्कि औद्योगिक क्षेत्रों में निजी वाहनों पर निर्भरता भी कम हो सकती है।
एक्टिव सिटीजन टीम के आलोक सिंह ने औद्योगिक क्षेत्रों को ई-बस सेवा से जोड़ने की मांग उठाई है। उनका कहना है कि जिन मार्गों पर रोजाना बड़ी संख्या में कर्मचारी और अन्य यात्री आवागमन करते हैं, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर सिटी ई-बस नेटवर्क में शामिल किया जाना चाहिए।
ग्रेटर नोएडा डिपो की एआरएम समीना अंजुम ने बताया कि स्थानीय स्तर पर उठाई जा रही मांगों की जानकारी संबंधित अधिकारियों को भेजी जा रही है। उन्होंने कहा कि इन मांगों पर अधिकारियों की ओर से विचार किया जाएगा।
अब यात्रियों और औद्योगिक क्षेत्रों में काम करने वाले कर्मचारियों की नजर इस बात पर है कि प्रमुख रूटों को ई-बस सेवा से कब जोड़ा जाता है। यदि इन मार्गों पर नियमित ई-बस सेवा शुरू होती है तो नोएडा-ग्रेटर नोएडा के औद्योगिक क्षेत्रों में आने-जाने वाले हजारों लोगों को राहत मिल सकती है।





