Prayagraj Murder: सपा जिला सचिव पवन यादव की गोली मारकर हत्या, बाइक सवार तीन बदमाशों ने बरसाईं गोलियां
प्रयागराज। उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में मंगलवार शाम समाजवादी पार्टी के जिला सचिव और पूर्व प्रधान पवन यादव की गोली मारकर हत्या कर दी गई। हंडिया थाना क्षेत्र में बाइक सवार तीन अज्ञात बदमाशों ने उस समय फायरिंग की, जब वह सड़क किनारे कुछ लोगों से बात कर रहे थे। गोली लगने से गंभीर रूप से घायल पवन यादव को तुरंत जिला अस्पताल ले जाया गया, लेकिन इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। वारदात के बाद हमलावर बाइक से फरार हो गए, और पुलिस ने हत्या का मामला मानते हुए तलाश शुरू कर दी है।
जानकारी के मुताबिक घटना मंगलवार शाम करीब छह बजे की है। मुग्रराव गांव के पूर्व प्रधान पवन यादव हंडिया क्षेत्र में 52 नंबर पिलर के पास कुछ लोगों के साथ खड़े होकर बातचीत कर रहे थे। इसी दौरान एक बाइक पर सवार तीन युवक वहां पहुंचे, जिनमें से दो ने हेलमेट पहन रखा था। आरोप है कि इनमें से एक ने पवन यादव को निशाना बनाकर गोली चला दी।
गोली उनकी पीठ में लगी और वह गंभीर रूप से घायल होकर जमीन पर गिर पड़े। अचानक हुई फायरिंग से मौके पर मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई। गोली चलाने के बाद तीनों हमलावर बाइक से बरौत की दिशा में भाग निकले। आवाज सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और पुलिस को सूचना दी गई, साथ ही घायल पवन यादव को तत्काल अस्पताल पहुंचाने की व्यवस्था की गई।
सूचना मिलते ही एसीपी हंडिया शेषधर पांडेय और इंस्पेक्टर ओम प्रकाश सिंह पुलिस टीम के साथ घटनास्थल पर पहुंचे। अधिकारियों ने मौके का निरीक्षण किया और वारदात के समय वहां मौजूद लोगों से जानकारी जुटाई। पुलिस ने आसपास के इलाके से हमलावरों के बारे में सुराग जुटाने का प्रयास शुरू किया। गंभीर हालत में पवन यादव को जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।
पवन यादव मुग्रराव गांव के पूर्व प्रधान होने के साथ पूर्व प्रधान संघ के जिला अध्यक्ष भी रह चुके थे, और मौजूदा समय में समाजवादी पार्टी में जिला सचिव के पद पर थे। एक राजनीतिक पदाधिकारी की सरेआम हत्या के बाद पुलिस मामले को गंभीरता से लेते हुए कई पहलुओं से जांच कर रही है, और हमलावरों की पहचान व गिरफ्तारी के लिए टीमें लगाई गई हैं।
पुलिस अब घटनास्थल और हमलावरों के भागने के रास्तों के आसपास लगे CCTV कैमरों की फुटेज खंगाल रही है। खासतौर पर उस बाइक की पहचान करने की कोशिश हो रही है, जिस पर तीनों आरोपी आए थे और वारदात के बाद बरौत की तरफ भागे। प्रत्यक्षदर्शियों से भी पूछताछ की जा रही है ताकि हमलावरों के हुलिए, बाइक और भागने के रास्ते की और जानकारी मिल सके।
फिलहाल हत्या की वजह स्पष्ट नहीं हो सकी है। पुलिस पवन यादव की राजनीतिक व व्यक्तिगत गतिविधियों के साथ पुराने विवादों से जुड़े पहलुओं की भी जांच कर सकती है। यह भी पता लगाया जा रहा है कि हमलावरों ने पहले से रेकी कर वारदात को अंजाम दिया या उन्हें उनकी मौजूदगी की जानकारी किसी और माध्यम से मिली थी। जिस तरह बदमाश पहुंचे और गोली चलाकर तुरंत फरार हुए, उसी आधार पर पुलिस पूरे घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ रही है।
मौत की पुष्टि होने के बाद पुलिस ने हमलावरों की तलाश तेज कर दी है। आसपास के थानों को भी घटना की जानकारी देकर संदिग्धों और बाइक पर नजर रखने के लिए कहा जा सकता है। पुलिस का मुख्य फोकस CCTV फुटेज और प्रत्यक्षदर्शियों से मिली जानकारी के आधार पर तीनों आरोपियों की शिनाख्त करने पर है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जांच जारी है और हत्या के पीछे की वजह को लेकर अभी किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंचा गया है। जांच में सामने आने वाले साक्ष्यों के आधार पर ही स्पष्ट हो सकेगा कि सपा नेता को किस वजह से निशाना बनाया गया और इसमें कौन लोग शामिल थे। फिलहाल पुलिस तीनों फरार हमलावरों की पहचान और गिरफ्तारी के प्रयास में जुटी है।


