Rajkot Daughter Murder Case: राजकोट में नई जिंदगी शुरू करने के लिए मां ने 2 साल की बेटी को पांचवीं मंजिल से फेंका, पुलिस पूछताछ में हत्या की बात कबूलने का दावा
गुजरात के राजकोट में दो साल की मासूम बच्ची की संदिग्ध मौत के मामले में पुलिस जांच के दौरान चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। पुलिस के अनुसार, बच्ची की मां पूनम साकरिया को अपनी ही बेटी की हत्या के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। आरोप है कि उसने 12 अक्टूबर को कुवाडवा रोड स्थित शहीद उधमसिंह टाउनशिप की पांचवीं मंजिल से बच्ची को नीचे फेंक दिया था। इस घटना में बच्ची की मौके पर ही मौत हो गई। शुरुआत में मामले को दुर्घटना माना जा रहा था, लेकिन घटनास्थल की परिस्थितियों और परिवार के सदस्यों के संदेह के बाद पुलिस ने जांच तेज कर दी।
मृत बच्ची की पहचान स्नेहल साकरिया के रूप में हुई है। घटना के बाद उसकी मां ने कथित तौर पर पुलिस और परिवार के सामने खुद को निर्दोष बताया था। उसका कहना था कि बच्ची किसी तरह पांचवीं मंजिल से नीचे गिर गई थी या किसी अन्य व्यक्ति ने उसे नीचे फेंका था। हालाँकि, जांच अधिकारियों को उसकी कहानी पर संदेह हुआ। पुलिस के अनुसार, जिस स्थान से बच्ची नीचे गिरी थी, वहां लगभग चार फीट ऊंची दीवार थी, जबकि बच्ची की लंबाई करीब तीन फीट बताई गई। ऐसे में उसके खुद दीवार पार करके गिरने की संभावना पर सवाल उठे।
राजकोट क्राइम ब्रांच ने मामले की जांच के दौरान बच्ची की मां, परिवार के सदस्यों और आसपास रहने वाले लोगों से पूछताछ की। पुलिस ने घटनास्थल की परिस्थितियों और उपलब्ध तकनीकी साक्ष्यों की भी पड़ताल की। जांच के दौरान सामने आए तथ्यों को आधार बनाकर पूनम से लगातार करीब दो दिनों तक पूछताछ की गई। पुलिस का दावा है कि इस पूछताछ के दौरान उसने बच्ची को पांचवीं मंजिल से नीचे फेंकने की बात स्वीकार की। इसी के बाद उसके विरुद्ध हत्या के मामले में कार्रवाई की गई।
पुलिस के अनुसार, इस घटना के पीछे पारिवारिक विवाद, आर्थिक परेशानियां और अपनी जिंदगी नए सिरे से शुरू करने की इच्छा जैसे संभावित कारण सामने आए हैं। जांचकर्ताओं का पक्ष है कि पूनम बच्ची के पालन-पोषण के खर्च के संबंध में परेशान थी और स्वतंत्र रूप से नई जिंदगी शुरू करना चाहती थी। पुलिस के अनुसार, पूछताछ में उसने कथित तौर पर कहा कि बच्ची की जिम्मेदारी उसके नए जीवन में बाधा बन रही थी। हालाँकि, ये बातें पुलिस की जांच में सामने आए कथित मकसद का हिस्सा हैं और मामले से जुड़े सभी तथ्यों की कानूनी प्रक्रिया में पुष्टि होना बाकी है।
बच्ची के पिता संजय साकरिया ने भी पत्नी पर संदेह जताया था। रिपोर्टों के अनुसार, पति-पत्नी के बीच लंबे समय से विवाद चल रहा था और पूनम करीब डेढ़ साल से अपने मायके में रह रही थी। पिता ने शिकायत में यह भी आरोप लगाया कि पहले भी बच्ची के संबंध में धमकी दी गई थी। बच्ची की मौत की सूचना मिलने के बाद परिवार को संदेह हुआ कि इतनी छोटी बच्ची अपने आप पांचवीं मंजिल की दीवार पार नहीं कर सकती। इसके पश्चात मामले की जांच हत्या के कोण से आगे बढ़ी।
जांच के दौरान पुलिस को यह भी जानकारी मिली कि बच्ची की मौत से पहले कुछ दिनों तक इमारत से कपड़े, बिस्तर, जूते और गमले जैसी चीजें नीचे फेंके जाने की घटनाएं हुई थीं। पुलिस को संदेह है कि इन घटनाओं के जरिए किसी अज्ञात व्यक्ति की मौजूदगी या संदिग्ध गतिविधियों का भ्रम पैदा करने की कोशिश की गई हो सकती है। हालाँकि, इस पहलू की भी जांच की जा रही है। पुलिस के सामने आवासीय परिसर के सीसीटीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग उपलब्ध नहीं होने की चुनौती भी रही, जिसके कारण घटनाक्रम को समझने के लिए पूछताछ और अन्य साक्ष्यों पर निर्भर रहना पड़ा।
वर्तमान में राजकोट पुलिस मामले के सभी पहलुओं की जांच कर रही है। जांच एजेंसियां कथित मकसद, घटना से पहले और बाद की गतिविधियों तथा परिवार के सदस्यों के बयानों की पड़ताल कर रही हैं। दो साल की बच्ची की मौत के इस मामले ने पूरे इलाके में चिंता और आक्रोश पैदा किया है। पुलिस का पक्ष है कि आगे की कानूनी कार्रवाई जांच में सामने आने वाले तथ्यों और उपलब्ध साक्ष्यों को आधार बनाकर की जाएगी।


