Noida Flood: हिंडन किनारे चोटपुर कॉलोनी पर मंडराया बाढ़ का खतरा, घरों तक पहुंचा पानी, 60 हजार मकानों पर संकट

Noida Flood: हिंडन किनारे चोटपुर कॉलोनी पर मंडराया बाढ़ का खतरा, घरों तक पहुंचा पानी, 60 हजार मकानों पर संकट
नोएडा में हिंडन नदी के किनारे स्थित चोटपुर कॉलोनी में एक बार फिर बाढ़ का खतरा गहराने लगा है। नदी का पानी कई गलियों और घरों के बाहर तक पहुंच चुका है, जिससे हजारों परिवारों की चिंता बढ़ गई है। जगह-जगह जलभराव होने के कारण लोगों का सामान्य जीवन प्रभावित हो गया है और स्थानीय निवासी प्रशासन से तत्काल राहत की मांग कर रहे हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि हर मानसून में यही स्थिति बनती है, लेकिन अब तक इस समस्या का कोई स्थायी समाधान नहीं किया गया। कॉलोनी निवासी राम चरित राय ने बताया कि गलियों से लेकर मकानों तक पानी भर चुका है और यदि रात में जलस्तर और बढ़ गया तो परिवार के साथ सुरक्षित स्थान पर जाना मुश्किल हो जाएगा। उनका आरोप है कि अब तक कोई प्रशासनिक अधिकारी इलाके का जायजा लेने नहीं पहुंचा।
एक अन्य निवासी कमलेश का कहना है कि जलभराव के कारण लोगों का काम पर जाना भी मुश्किल हो गया है। उनका कहना है कि यदि लोग काम पर नहीं जाएंगे तो परिवार का गुजारा कैसे होगा। उन्होंने आरोप लगाया कि अभी तक इलाके में न कोई राहत शिविर बनाया गया है और न ही किसी प्रकार की सरकारी सहायता उपलब्ध कराई गई है।
चोटपुर कॉलोनी में करीब 60 हजार से अधिक मकान हैं और हर वर्ष मानसून के दौरान यहां जलभराव की समस्या गंभीर रूप ले लेती है। इस बार भी कई गलियां पानी में डूबी हुई हैं। कुछ इलाकों में बिजली आपूर्ति प्रभावित होने से लोगों की परेशानियां और बढ़ गई हैं।
कॉलोनी के निवासी गंदे पानी के बीच से होकर रोजमर्रा के काम करने को मजबूर हैं। बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों को भी इसी पानी से होकर गुजरना पड़ रहा है। लोगों का कहना है कि लंबे समय तक जलभराव रहने से संक्रामक बीमारियों का खतरा भी बढ़ गया है। हिंडन नदी के बिल्कुल किनारे बने कई घरों तक पानी पहुंच चुका है और तेज बहाव के साथ जलीय पौधे भी कॉलोनी की ओर आते दिखाई दे रहे हैं। स्थानीय लोगों को आशंका है कि यदि अगले कुछ दिनों तक लगातार बारिश हुई तो पानी घरों के भीतर भी घुस सकता है।
सिंचाई विभाग के अनुसार फिलहाल यमुना नदी का जलस्तर 194.60 मीटर है, जबकि खतरे का निशान 200.60 मीटर निर्धारित है। वहीं हिंडन नदी का जलस्तर 199.5 मीटर दर्ज किया गया है, जबकि इसका खतरे का निशान 205.08 मीटर है। यानी दोनों नदियों का जलस्तर अभी खतरे के निशान से नीचे है, लेकिन प्रशासन ने एहतियाती तैयारियां शुरू कर दी हैं।
जिला प्रशासन का कहना है कि यदि जलस्तर बढ़ता है तो 20 हजार से अधिक लोग प्रभावित हो सकते हैं। इसके मद्देनजर राहत शिविर, नाव, गोताखोर और एनडीआरएफ के साथ समन्वय की तैयारी की जा रही है। हालांकि चोटपुर कॉलोनी के लोगों का दावा है कि उनके इलाके में अभी तक न कोई राहत शिविर बनाया गया है और न ही कोई प्रशासनिक टीम हालात का निरीक्षण करने पहुंची है।
मौसम विभाग द्वारा आगामी दिनों में बारिश की संभावना जताए जाने के बाद स्थानीय लोगों की चिंता और बढ़ गई है। लोगों का कहना है कि प्रशासन केवल तैयारियों का दावा करने के बजाय प्रभावित क्षेत्रों में पहुंचकर राहत कार्य शुरू करे और हर साल आने वाली इस समस्या का स्थायी समाधान निकाले।





