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Noida Cyber Crime: केरला लॉटरी के नाम पर ठगी करने वाले 10 शातिर गिरफ्तार, सोशल मीडिया विज्ञापनों से फंसाते थे लोगों को

Noida Cyber Crime: केरला लॉटरी के नाम पर ठगी करने वाले 10 शातिर गिरफ्तार, सोशल मीडिया विज्ञापनों से फंसाते थे लोगों को

नोएडा। फेस-3 सेंट्रल नोएडा पुलिस ने सोशल मीडिया के माध्यम से केरला लॉटरी के नाम पर लोगों से ठगी करने वाले 10 शातिर साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया है। आरोपी फेसबुक और इंस्टाग्राम पर लॉटरी जीतने के फर्जी विज्ञापन चलाकर लोगों को अपने जाल में फंसाते थे। पुलिस ने इनके कब्जे से 20 मोबाइल फोन, चार डेबिट कार्ड और 10,200 रुपये नकद बरामद किए हैं।

पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने नोएडा में रहकर ठगी का बड़ा नेटवर्क बना रखा था। फेस-3 थाना पुलिस ने सेक्टर-121 स्थित साई प्रॉपर्टी अपार्टमेंट के फ्लैट नंबर-302 में छापेमारी कर सभी आरोपियों को 18 जून की तड़के करीब 1:27 बजे गिरफ्तार किया।

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान एलन एंटनी, अंकित कुमार, राहुल, शकील, राजशेखर, गुरु प्रसाद, विनय डीपी, विनोद कुमार, संतोष और चेतन के रूप में हुई है। पुलिस के मुताबिक, आरोपी मूल रूप से कर्नाटक और बिहार के रहने वाले हैं और नोएडा से बैठकर साइबर ठगी का संचालन कर रहे थे।

पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर केरला लॉटरी जीतने से जुड़े फर्जी विज्ञापन चलाते थे। विज्ञापन देखने के बाद जब लोग संपर्क करते थे तो उनसे 50 रुपये लेकर क्यूआर कोड के माध्यम से फर्जी लॉटरी टिकट भेज दिया जाता था।

इसके बाद कुछ समय बाद आरोपी पीड़ितों को फोन कर बताते थे कि उनकी 12 लाख रुपये की लॉटरी लग गई है। इनाम की रकम दिलाने के नाम पर टीडीएस, जीएसटी, एनओसी, इनकम टैक्स क्लीयरेंस और रिजर्व बैंक अप्रूवल जैसे बहानों से अलग-अलग चरणों में पैसे वसूले जाते थे।

पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी खासतौर पर दक्षिण भारत के लोगों को निशाना बनाते थे। वे पीड़ितों से उनकी स्थानीय भाषा में बातचीत करते थे, जिससे लोगों को भरोसा हो जाता था। विश्वास बढ़ाने के लिए आरोपी फर्जी आरबीआई और इनकम टैक्स विभाग के दस्तावेज वाट्सऐप पर भेजते थे।

ठगी करने के बाद आरोपी इस्तेमाल किए गए सिम कार्ड तोड़कर फेंक देते थे और नए नंबरों से दोबारा ठगी शुरू कर देते थे। पुलिस के मुताबिक, फर्जी बैंक खाते और सिम उपलब्ध कराने वालों को भी ठगी की रकम का बड़ा हिस्सा कमीशन के रूप में दिया जाता था।

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि पिछले दो महीनों में साइबर पोर्टल पर कर्नाटक और आंध्र प्रदेश से 18 शिकायतें दर्ज हुई थीं। जांच के दौरान पता चला कि इन सभी मामलों में इस्तेमाल किए गए कॉल नोएडा से संचालित हो रहे थे। इसके बाद साइबर सेल सेक्टर-108 ने जांच शुरू की और फर्जी खातों में लाखों रुपये के लेनदेन का पता लगाया।

पुलिस अब आरोपियों से पूछताछ कर उनके पूरे नेटवर्क, फर्जी बैंक खातों और अन्य सहयोगियों की जानकारी जुटा रही है। अधिकारियों का कहना है कि साइबर ठगी से बचने के लिए ऑनलाइन लॉटरी, इनाम और निवेश से जुड़े संदिग्ध ऑफर से सतर्क रहना जरूरी है।

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