Zero Fatality District: नोएडा पुलिस का बड़ा कारनामा, सड़क हादसों और मौतों में रिकॉर्ड कमी के साथ यूपी में बना मॉडल

Zero Fatality District: नोएडा पुलिस का बड़ा कारनामा, सड़क हादसों और मौतों में रिकॉर्ड कमी के साथ यूपी में बना मॉडल

नोएडा। सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली जनहानि को कम करने के उद्देश्य से चलाए जा रहे ‘शून्य मृत्यु दर वाला जिला’ (Zero Fatality District) अभियान के तहत कमिश्नरेट गौतमबुद्धनगर ने बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस कमिश्नर Lakshmi Singh के निर्देशन में चलाए गए इस अभियान के परिणामस्वरूप सड़क दुर्घटनाओं और उनसे होने वाली मौतों में उत्तर प्रदेश में सबसे अधिक कमी दर्ज की गई है।

यह परियोजना सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय, सेफ लाइफ फाउंडेशन, उत्तर प्रदेश शासन और पुलिस महानिदेशक कार्यालय के निर्देशों के तहत नवंबर 2025 से संचालित की जा रही है। अभियान का मुख्य उद्देश्य दुर्घटना संभावित क्षेत्रों की पहचान कर सड़क सुरक्षा उपायों को मजबूत करना और दुर्घटनाओं में होने वाली मौतों को न्यूनतम करना है।

परियोजना के तहत नौ चिन्हित थानों और दो क्रिटिकल कॉरिडोर को प्राथमिकता दी गई। इन क्षेत्रों में पहले कुल सड़क दुर्घटना से होने वाली करीब 54 प्रतिशत मौतें दर्ज की गई थीं। दुर्घटनाओं पर नियंत्रण के लिए विशेष सीसी टीमों का गठन किया गया और उन्हें स्पीड लेजर गन, ब्रेथ एनालाइजर, बॉडी वार्न कैमरा और रिफ्लेक्टिव उपकरण जैसे आधुनिक संसाधन उपलब्ध कराए गए।

नवंबर 2025 से मई 2026 तक इन टीमों ने यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ बड़े स्तर पर कार्रवाई की। इस दौरान कुल 86,902 चालान किए गए। इनमें ओवरस्पीडिंग के 13,798 मामले, शराब पीकर वाहन चलाने के 4,109 मामले, रॉन्ग साइड ड्राइविंग के 16,682 मामले और बिना हेलमेट के 14,418 मामले शामिल रहे।

पुलिस ने दुर्घटना संभावित स्थानों पर संरचनात्मक सुधार भी कराए। अवैध कट बंद कराए गए, डिवाइडर बनाए गए, रम्बल स्ट्रिप लगाए गए, सड़क मार्किंग और साइनेज बोर्ड लगाए गए। इसके अलावा नोएडा एवं ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण, पीडब्ल्यूडी और एनएचएआई के साथ समन्वय कर सड़क मरम्मत, गड्ढों की भराई और यातायात सुरक्षा से जुड़े कार्य भी कराए गए।

अभियान के प्रभावी परिणाम सामने आए हैं। नवंबर 2025 में नवंबर 2024 की तुलना में सड़क दुर्घटनाओं में 27 प्रतिशत, मृतकों की संख्या में 25 प्रतिशत और घायलों की संख्या में 30 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई। वहीं दिसंबर 2025 में दुर्घटनाओं में 40 प्रतिशत, मृतकों में 34 प्रतिशत और घायलों में 55 प्रतिशत तक की रिकॉर्ड कमी दर्ज हुई।

सफल परिणामों के बाद दिसंबर 2025 में चिन्हित नौ थानों में से पांच थानों को परियोजना के दायरे से बाहर कर दिया गया। वर्तमान में बिसरख, बादलपुर, दादरी और दनकौर थाना क्षेत्रों में अभियान के तहत विशेष कार्रवाई जारी है।

वर्ष 2025 के जनवरी से मई की तुलना में वर्ष 2026 के जनवरी से मई तक सड़क दुर्घटनाओं में 35.24 प्रतिशत, मृतकों की संख्या में 28 प्रतिशत और घायलों की संख्या में 45.57 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है।

यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए कमिश्नरेट में चिन्हित 15 कंजेशन प्वाइंट्स में से सात को खत्म किया जा चुका है। बाकी स्थानों पर भी सुधार कार्य जारी है। ‘रिड्यूसिंग ट्रैफिक कंजेशन’ योजना के तहत प्रमुख मार्गों पर रूट मार्शल तैनात किए गए हैं और आपातकालीन सेवाओं के साथ बेहतर समन्वय स्थापित कर गोल्डन आवर में घायल लोगों को तत्काल सहायता पहुंचाने की व्यवस्था मजबूत की गई है।

कमिश्नरेट गौतमबुद्धनगर के अनुसार, ‘शून्य मृत्यु दर वाला जिला’ परियोजना के तहत किए गए प्रयासों ने सड़क सुरक्षा, यातायात प्रबंधन और आपातकालीन प्रतिक्रिया प्रणाली को अधिक प्रभावी बनाया है। सड़क दुर्घटनाओं और जनहानि में आई कमी के साथ गौतमबुद्धनगर ने प्रदेश में एक अनुकरणीय मॉडल पेश किया है।

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