
Bihar Coaching Dispute: फैजल खान के खिलाफ FIR की मांग को लेकर थाने के बाहर धरने पर बैठे रौशन आनंद, छात्रों ने किया प्रदर्शन
पटना। बिहार में चर्चित कोचिंग विवाद और प्रिंस यादव की संदिग्ध मौत का मामला एक बार फिर चर्चा में आ गया है। ज्ञान बिंदु जीएस एकेडमी के निदेशक रौशन आनंद ने अपने भाई प्रिंस यादव की मौत के मामले में शिक्षक फैजल खान के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराने की मांग को लेकर कदमकुआं थाना पहुंचकर पुलिस को लिखित शिकायत सौंपी। हालांकि पुलिस द्वारा तत्काल एफआईआर दर्ज नहीं किए जाने से नाराज रौशन आनंद अपने समर्थकों और बड़ी संख्या में छात्रों के साथ थाने के बाहर धरने पर बैठ गए।
बुधवार को कदमकुआं थाना पहुंचे रौशन आनंद ने थानाध्यक्ष जन्मेजय राय को आवेदन देते हुए आरोप लगाया कि उनके भाई प्रिंस यादव की संदेहास्पद मौत के पीछे फैजल खान की भूमिका की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और उनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की जानी चाहिए। उनका कहना है कि मामले से जुड़े कई सवाल अब भी अनुत्तरित हैं और सच्चाई सामने लाने के लिए कानूनी कार्रवाई आवश्यक है।
पुलिस द्वारा तत्काल एफआईआर दर्ज नहीं किए जाने के बाद माहौल तनावपूर्ण हो गया। रौशन आनंद थाने के बाहर ही धरने पर बैठ गए और उनके समर्थन में पहुंचे छात्रों तथा समर्थकों ने पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। कई घंटों तक चले इस प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में लोग थाने के बाहर मौजूद रहे। स्थिति को देखते हुए पुलिस प्रशासन भी सतर्क बना रहा।
धरना स्थल पर पहुंचे रौशन आनंद के वकीलों ने भी स्पष्ट किया कि जब तक उनकी शिकायत पर प्राथमिकी दर्ज नहीं की जाती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। उनका कहना है कि कानून के दायरे में रहते हुए न्याय की मांग की जा रही है और प्रशासन को मामले में उचित कार्रवाई करनी चाहिए।
इसी बीच रौशन आनंद को अदालत से एक बड़ा झटका भी लगा है। कोचिंग विवाद से जुड़े एक पुराने मामले में न्यायिक हिरासत में बंद उनके भाई अभिषेक और सहयोगी गौरव की जमानत याचिका प्रथम श्रेणी न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत ने खारिज कर दी है। अदालत के इस फैसले के बाद दोनों आरोपियों को फिलहाल जेल में ही रहना होगा।
बचाव पक्ष के वकील ने बताया कि मजिस्ट्रेट कोर्ट द्वारा जमानत याचिका खारिज किए जाने के बाद अब अगला कानूनी कदम उठाया जाएगा। उन्होंने कहा कि अदालत के आदेश की प्रति प्राप्त करने के बाद जिला एवं सत्र न्यायाधीश की अदालत में नई जमानत अर्जी दाखिल की जाएगी। उम्मीद है कि उच्च अदालत में मामले पर दोबारा सुनवाई होगी।
थाना पहुंचने से पहले रौशन आनंद ने जनता दल यूनाइटेड के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष और राज्यसभा सांसद संजय झा से भी मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने अपने भाई की मौत के मामले में निष्पक्ष जांच और न्याय की मांग रखी। रौशन आनंद ने आरोप लगाया कि मामले के सभी पहलुओं की गंभीरता से जांच होनी चाहिए ताकि वास्तविक तथ्यों का पता लगाया जा सके।
मुलाकात के बाद संजय झा ने उन्हें आश्वासन दिया कि पूरे मामले की पारदर्शी और निष्पक्ष जांच सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने कहा कि जांच एजेंसियां तथ्यों के आधार पर काम करेंगी और जो भी व्यक्ति दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल प्रिंस यादव की मौत, कोचिंग विवाद और फैजल खान के खिलाफ एफआईआर की मांग को लेकर मामला लगातार तूल पकड़ता जा रहा है। एक ओर रौशन आनंद न्याय की मांग को लेकर आंदोलनरत हैं, वहीं दूसरी ओर पुलिस और प्रशासन पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए हैं। आने वाले दिनों में इस मामले में पुलिस और अदालत की कार्रवाई पर सभी की नजरें टिकी रहेंगी।





