Greater Noida West: मेंटेनेंस शुल्क वृद्धि के खिलाफ फूटा निवासियों का गुस्सा, सुपरटेक इको विलेज-1 में दो सप्ताह से जारी विरोध प्रदर्शन
Greater Noida West: मेंटेनेंस शुल्क वृद्धि के खिलाफ फूटा निवासियों का गुस्सा, सुपरटेक इको विलेज-1 में दो सप्ताह से जारी विरोध प्रदर्शन
नोएडा। ग्रेटर नोएडा वेस्ट स्थित सुपरटेक इको विलेज-1 सोसाइटी में कॉमन एरिया मेंटेनेंस (सीएएम) शुल्क बढ़ाए जाने को लेकर निवासियों का विरोध लगातार तेज होता जा रहा है। पिछले दो सप्ताह से बढ़ी हुई दरों के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे निवासियों का कहना है कि मेंटेनेंस शुल्क में वृद्धि का सीधा असर उनके मासिक घरेलू बजट पर पड़ रहा है। बढ़ती महंगाई के बीच परिवार पहले से ही शिक्षा, स्वास्थ्य, बिजली और अन्य आवश्यक खर्चों का दबाव झेल रहे हैं, ऐसे में अतिरिक्त आर्थिक बोझ ने उनकी चिंताएं और बढ़ा दी हैं।
निवासियों का आरोप है कि मेंटेनेंस शुल्क बढ़ाने से पहले न तो उनसे पर्याप्त संवाद किया गया और न ही वृद्धि का कोई स्पष्ट वित्तीय आधार सार्वजनिक किया गया। उनका कहना है कि पारदर्शिता की कमी के कारण सोसाइटी के लोगों के बीच असंतोष और अविश्वास की स्थिति पैदा हुई है। निवासियों का मानना है कि किसी भी प्रकार की शुल्क वृद्धि से पहले सभी पक्षों के साथ चर्चा और सहमति बनाई जानी चाहिए थी।
सोसाइटी निवासी संजय शर्मा ने बताया कि इस मामले को लेकर जिलाधिकारी, ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ), रेरा और अन्य संबंधित अधिकारियों को पत्र भेजे गए हैं। पत्रों के माध्यम से बढ़े हुए मेंटेनेंस शुल्क पर तत्काल रोक लगाने, पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और निवासियों की चिंताओं को गंभीरता से सुनने की मांग की गई है।
पिछले दो सप्ताह के दौरान सोसाइटी परिसर में कई बार शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन आयोजित किए गए। इस दौरान प्रशासन और पुलिस अधिकारियों की मौजूदगी में विभिन्न दौर की बैठकें भी हुईं। हाल ही में बिसरख थाना प्रभारी की मध्यस्थता में आयोजित बैठक में निवासियों और प्रबंधन पक्ष के बीच कई मुद्दों पर चर्चा हुई थी। बैठक में यह सुझाव भी दिया गया था कि बातचीत के निष्कर्ष और निर्णयों को नो ब्रोकरहुड पोर्टल पर सार्वजनिक किया जाए, ताकि सभी निवासियों को स्थिति की जानकारी मिल सके। हालांकि निर्धारित समय बीत जाने के बाद भी इस संबंध में कोई आधिकारिक जानकारी साझा नहीं की गई, जिससे लोगों में नाराजगी बनी हुई है।
रविवार को भी निवासियों ने सांकेतिक विरोध प्रदर्शन कर अपनी असहमति जताई। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि उनका उद्देश्य किसी प्रकार का टकराव पैदा करना नहीं है, बल्कि वे संवाद और पारदर्शिता के माध्यम से समस्या का समाधान चाहते हैं। उनका मानना है कि यदि प्रबंधन और निवासियों के बीच खुली बातचीत हो तो विवाद का समाधान आसानी से निकाला जा सकता है।
निवासियों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर उचित कार्रवाई नहीं की गई और उनकी चिंताओं का समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा। फिलहाल सोसाइटी में बढ़े हुए मेंटेनेंस शुल्क को लेकर असंतोष का माहौल बना हुआ है और सभी की निगाहें प्रशासन तथा संबंधित एजेंसियों की आगामी कार्रवाई पर टिकी हुई हैं।
निवासियों की प्रमुख मांगों में बढ़े हुए मेंटेनेंस शुल्क पर तत्काल रोक, शुल्क वृद्धि के वित्तीय आधार को सार्वजनिक करना, पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराना, सभी महत्वपूर्ण निर्णयों में निवासियों की भागीदारी सुनिश्चित करना तथा बैठकों के निष्कर्षों को सार्वजनिक मंच पर साझा करना शामिल है।



