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AIIMS scientists: दुनिया के शीर्ष 5% वैज्ञानिकों की सूची में एम्स के वैज्ञानिकों का दबदबा, भारतीय चिकित्सा अनुसंधान को मिली वैश्विक पहचान

AIIMS scientists: दुनिया के शीर्ष 5% वैज्ञानिकों की सूची में एम्स के वैज्ञानिकों का दबदबा, भारतीय चिकित्सा अनुसंधान को मिली वैश्विक पहचान

नई दिल्ली। भारतीय चिकित्सा अनुसंधान और अकादमिक उत्कृष्टता को एक बार फिर वैश्विक मंच पर बड़ी पहचान मिली है। साई-रैंक ग्लोबल साइंटिस्ट इंडेक्स 2025 में देश के कई प्रतिष्ठित चिकित्सक-वैज्ञानिकों को दुनिया के शीर्ष 5 प्रतिशत वैज्ञानिकों की सूची में शामिल किया गया है। इस उपलब्धि में सबसे अधिक चर्चा अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान दिल्ली के वैज्ञानिकों और चिकित्सकों की रही, जिन्होंने अपने शोध, नवाचार और चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के बल पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का नाम रोशन किया है। साई-रैंक ग्लोबल द्वारा जारी 2025 ग्लोबल साइंटिस्ट इंडेक्स विश्वभर के 80 लाख से 1 करोड़ शोधकर्ताओं के प्रोफाइल, शोध प्रकाशनों, वैज्ञानिक प्रभाव, उद्धरणों (साइटेशन) और अकादमिक उपलब्धियों के विस्तृत विश्लेषण पर आधारित है। इस प्रतिष्ठित सूची में केवल विश्व के शीर्ष 5 प्रतिशत वैज्ञानिकों को स्थान दिया जाता है। सूची में शामिल प्रमुख भारतीय वैज्ञानिकों में डॉ. निखिल टंडन, डॉ. राधिका टंडन, डॉ. उमा कुमार, डॉ. मंजरी त्रिपाठी, डॉ. अचल श्रीवास्तव, डॉ. शिल्पा शर्मा, डॉ. भावुक गर्ग, डॉ. रुपेश श्रीवास्तव, डॉ. तनुज दादा तथा डॉ. रीमा दादा शामिल हैं। इसके अलावा एम्स भोपाल के बायोकैमिस्ट्री विभाग से जुड़े डॉ. सुखेस मुखर्जी को भी इस प्रतिष्ठित सूची में स्थान मिला है। इस उपलब्धि पर केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने सभी वैज्ञानिकों को बधाई देते हुए कहा कि यह सम्मान भारतीय वैज्ञानिकों के उत्कृष्ट शोध कार्यों, वैज्ञानिक प्रकाशनों, अकादमिक प्रभाव और चिकित्सा अनुसंधान के क्षेत्र में उनके महत्वपूर्ण योगदान की वैश्विक मान्यता है। उन्होंने कहा कि इस उपलब्धि से भारतीय चिकित्सा अनुसंधान संस्थानों, विशेषकर एम्स की प्रतिष्ठा और अधिक मजबूत हुई है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह उपलब्धि भारत में चिकित्सा अनुसंधान की बढ़ती गुणवत्ता और वैश्विक स्तर पर उसके प्रभाव को दर्शाती है। शीर्ष वैज्ञानिकों की इस सूची में बड़ी संख्या में भारतीय चिकित्सकों का शामिल होना देश के युवा शोधकर्ताओं और वैज्ञानिकों के लिए भी प्रेरणादायक माना जा रहा है।

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