Malviya Nagar Hotel Fire: मालवीय नगर होटल अग्निकांड में 21 की मौत, 40 से अधिक लोगों को बचाया गया; कई की हालत गंभीर

Malviya Nagar Hotel Fire: मालवीय नगर होटल अग्निकांड में 21 की मौत, 40 से अधिक लोगों को बचाया गया; कई की हालत गंभीर
नई दिल्ली, 3 जून। दक्षिणी दिल्ली के मालवीय नगर स्थित एक होटल में मंगलवार सुबह लगी भीषण आग ने राजधानी को झकझोर कर रख दिया। इस दर्दनाक हादसे में अब तक 21 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि 40 से अधिक लोगों को सुरक्षित बाहर निकालकर विभिन्न अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। कई घायलों की हालत अभी भी गंभीर बनी हुई है, जिसके चलते मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।
जानकारी के अनुसार सुबह करीब 8:48 बजे मालवीय नगर स्थित फ्लरिश स्टे बी एंड बी होटल में आग लगने की सूचना पुलिस और दमकल विभाग को मिली। सूचना मिलते ही पुलिस, दमकल विभाग और अन्य राहत एजेंसियों की टीमें मौके पर पहुंचीं। आठ दमकल गाड़ियों की मदद से आग पर काबू पाने के साथ-साथ होटल में फंसे लोगों को बाहर निकालने का अभियान शुरू किया गया। बचाव दल ने 40 से अधिक लोगों को सुरक्षित बाहर निकालकर नजदीकी अस्पतालों में पहुंचाया। इस हादसे ने कई परिवारों को गहरा आघात पहुंचाया है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार गुरुग्राम के सेक्टर-46 निवासी चार्टर्ड अकाउंटेंट विवेक अग्रवाल अपने पिता का हालचाल जानने दिल्ली आए थे, जिनका इलाज एक निजी अस्पताल में चल रहा था। अस्पताल के नजदीक होने के कारण उनका परिवार इसी होटल में ठहरा हुआ था। आशंका जताई जा रही है कि आग की चपेट में विवेक अग्रवाल, उनकी पत्नी तर्जनी अग्रवाल, मां प्रेमलता अग्रवाल और उनकी बेटियां एंजल एवं पर्ल अग्रवाल समेत परिवार के अन्य सदस्य भी आ गए। हालांकि मृतकों और घायलों की पहचान को लेकर आधिकारिक पुष्टि का इंतजार किया जा रहा है।
मैक्स अस्पताल के ग्रुप मेडिकल डायरेक्टर डॉ. संदीप बुद्धिराजा ने बताया कि अस्पताल में कुल 39 मरीजों को लाया गया था। इनमें से 18 लोगों को मृत अवस्था में अस्पताल पहुंचाया गया। शेष घायलों का उपचार जारी है। उन्होंने बताया कि 15 मरीज आईसीयू में भर्ती हैं, जिनमें से आठ वेंटिलेटर सपोर्ट पर हैं। कई मरीज गंभीर रूप से झुलसे हुए हैं और उनकी हालत चिंताजनक बनी हुई है। वहीं एम्स दिल्ली की मीडिया एवं प्रोटोकॉल प्रभाग की प्रोफेसर डॉ. रीमा दादा ने जानकारी दी कि ट्रॉमा सेंटर में कुल 13 लोगों को लाया गया। इनमें तीन लोग आग से बचने के लिए ऊंचाई से कूदने के कारण घायल हुए थे। इनमें से दो मरीजों की हालत स्थिर होने पर उन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दी गई, जबकि एक महिला के सिर में गंभीर चोट आने के कारण उसकी सर्जरी करनी पड़ी। महिला की हालत अभी भी नाजुक बनी हुई है।
डॉ. दादा ने बताया कि ट्रॉमा सेंटर में भर्ती अन्य 10 मरीज दिल्ली पुलिस के जवान हैं, जो बचाव अभियान के दौरान घायल हुए थे। सभी की हालत स्थिर है और चिकित्सकों की निगरानी में उनका उपचार जारी है। एम्स के बर्न्स एंड प्लास्टिक सर्जरी ब्लॉक की बर्न इमरजेंसी में भी तीन अज्ञात व्यक्तियों को लाया गया, जिन्हें डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। इनमें लगभग 40 वर्ष आयु की दो महिलाएं और एक पुरुष शामिल हैं। चिकित्सकों के अनुसार सभी 70 से 85 प्रतिशत तक झुलस चुके थे और गंभीर इनहेलेशन इंजरी के शिकार थे। एम्स प्रशासन ने बताया कि इन तीन शवों के अतिरिक्त अग्निकांड से जुड़े तीन अन्य अज्ञात शव भी अस्पताल लाए गए हैं। फिलहाल राहत एवं बचाव अभियान पूरा कर लिया गया है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां आग लगने के कारणों की जांच में जुटी हुई हैं। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने और मृतकों की पहचान की प्रक्रिया संपन्न होने के बाद विस्तृत जानकारी साझा की जाएगी। राजधानी में हुए इस भीषण हादसे ने एक बार फिर सार्वजनिक भवनों और होटलों में अग्नि सुरक्षा व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।





