Tamil Nadu Politics: दिल्ली में प्रधानमंत्री मोदी से मिले मुख्यमंत्री विजय, तमिलनाडु के कई अहम मुद्दों पर हुई चर्चा

Tamil Nadu Politics: दिल्ली में प्रधानमंत्री मोदी से मिले मुख्यमंत्री विजय, तमिलनाडु के कई अहम मुद्दों पर हुई चर्चा
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री C. Joseph Vijay ने बुधवार को नई दिल्ली में प्रधानमंत्री Narendra Modi से मुलाकात की। मुख्यमंत्री बनने के बाद यह उनकी राजधानी दिल्ली की पहली आधिकारिक यात्रा मानी जा रही है। इस दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री के साथ तमिलनाडु से जुड़े कई अहम मुद्दों पर चर्चा की और केंद्र सरकार से सहयोग का अनुरोध किया।
करीब 20 मिनट तक चली इस अहम बैठक में मुख्यमंत्री विजय ने राज्य के विकास, जल संसाधन और सांस्कृतिक विरासत से जुड़े विषयों को उठाया। उन्होंने हाल ही में हॉलैंड से तमिलनाडु की प्राचीन तांबे की प्लेटों को वापस लाने के लिए प्रधानमंत्री मोदी का आभार भी व्यक्त किया।
मुख्यमंत्री विजय ने बैठक में कर्नाटक की मेकेदातु बांध परियोजना का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया। उन्होंने कहा कि इस परियोजना का असर तमिलनाडु के निचले इलाकों में पानी की उपलब्धता पर पड़ सकता है, जिससे राज्य के किसानों और आम लोगों को मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है। उन्होंने प्रधानमंत्री से इस संवेदनशील मामले में हस्तक्षेप करने का अनुरोध किया।
दिल्ली पहुंचने पर मुख्यमंत्री विजय ने तमिलनाडु हाउस का दौरा किया, जहां उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। इसके अलावा उनकी वरिष्ठ केंद्रीय मंत्रियों और कांग्रेस नेताओं के साथ भी कई महत्वपूर्ण बैठकें प्रस्तावित हैं। राजनीतिक जानकार इस दौरे को तमिलनाडु की नई गठबंधन सरकार और केंद्र के बीच संबंधों के लिहाज से अहम मान रहे हैं।
गौरतलब है कि Tamilaga Vettri Kazhagam प्रमुख विजय ने 10 मई को तमिलनाडु के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी। उनकी पार्टी टीवीके विधानसभा चुनाव में सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी थी और 234 सदस्यीय विधानसभा में 108 सीटें हासिल की थीं। हालांकि पार्टी बहुमत के आंकड़े से 10 सीट पीछे रह गई थी।
इसके बाद कांग्रेस, CPI, CPI(M), वीसीके और आईयूएमएल समेत कई दलों के समर्थन से सरकार का गठन हुआ। इसे तमिलनाडु की दशकों बाद बनी पहली गठबंधन सरकार माना जा रहा है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि मुख्यमंत्री विजय का यह दिल्ली दौरा राज्य और केंद्र के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकता है। साथ ही यह मुलाकात दक्षिण भारतीय राजनीति में बदलते समीकरणों का भी संकेत मानी जा रही है।





