Noida Fraud Case: 12 करोड़ के ऑर्डर के बाद माल नहीं उठाया, फैक्टरी मालिक को साढ़े छह करोड़ का नुकसान
Noida Fraud Case: 12 करोड़ के ऑर्डर के बाद माल नहीं उठाया, फैक्टरी मालिक को साढ़े छह करोड़ का नुकसान
नोएडा : सेक्टर-63 स्थित रेडिमेड कपड़े बनाने वाली फैक्टरी के मालिक ने सहयोगी फर्म पर करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी का आरोप लगाया है। पीड़ित का कहना है कि फर्म ने करीब 12 करोड़ रुपये के माल का ऑर्डर दिया, लेकिन न तो तैयार माल उठाया और न ही उसका भुगतान किया। इससे फैक्टरी में रखा करीब साढ़े छह करोड़ रुपये का माल खराब हो गया। पुलिस ने शिकायत के आधार पर फर्म समेत पांच लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पुलिस को दी शिकायत में Neeraj Kumar Sadh ने बताया कि उनकी Arvind Kumar and Company के नाम से सेक्टर-63 के एच ब्लॉक में फैक्टरी है, जहां महिलाओं के कुर्ते, शॉल और स्टॉल तैयार किए जाते हैं। उन्होंने बताया कि वह पिछले तीन वर्षों से सहयोगी फर्म Anjalika International के साथ काम कर रहे थे।
पीड़ित के अनुसार सामान्य तौर पर वह 30 प्रतिशत अग्रिम राशि और बाकी 70 प्रतिशत भुगतान माल की डिलीवरी से पहले लेते थे। आरोप है कि फर्म से जुड़े संजीव, निशांत और वासु ने अप्रैल 2024 में करीब 12 करोड़ रुपये का बड़ा ऑर्डर दिया। पुराने कारोबारी संबंधों और भरोसे के चलते उन्होंने बिना अग्रिम भुगतान लिए ही कच्चा माल खरीदकर उत्पादन शुरू कर दिया।
नीरज कुमार साध ने बताया कि सैंपल मंजूर होने के बाद फैक्टरी में बड़े स्तर पर माल तैयार कराया गया। दिसंबर 2024 में जब तैयार माल उठाने के लिए कहा गया तो आरोपी लगातार टालमटोल करने लगे। बाद में बैठक के दौरान मार्च 2025 तक माल उठाने का आश्वासन दिया गया, लेकिन अप्रैल 2025 तक भी माल नहीं उठाया गया।
पीड़ित का आरोप है कि दोबारा बैठक होने पर आरोपियों ने 61 लाख रुपये के चेक दिए, लेकिन बैंक में जमा करने पर सभी चेक बाउंस हो गए। इसके बावजूद वह लगातार भुगतान और माल उठाने की मांग करते रहे, लेकिन बाद में आरोपियों ने फोन उठाना भी बंद कर दिया।
शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि दिसंबर 2025 में जब पीड़ित आरोपियों के कार्यालय पहुंचे तो वहां मौजूद पांच-छह लोगों ने लोहे की रॉड लेकर उन्हें डराने और मारपीट करने का प्रयास किया। रकम मांगने पर जान से मारने की धमकी भी दी गई।
पुलिस का कहना है कि शिकायत के आधार पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। मामले की जांच की जा रही है और जांच के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।





