
मुख्यमंत्री ने कहा कि एयरलाइन्स तेल कंपनियों से ईंधन खरीदते समय एटीएफ पर वैट और केंद्रीय उत्पाद शुल्क का भुगतान करती हैं। एयरलाइन्स की कुल परिचालन लागत में एटीएफ की हिस्सेदारी लगभग 40 प्रतिशत तक होती है, इसलिए ऊंची कर दरों का सीधा असर हवाई टिकटों की कीमतों और एविएशन सेक्टर की आर्थिक स्थिति पर पड़ता है। हाल के वैश्विक घटनाक्रमों ने इन चुनौतियों को और बढ़ा दिया है।
उन्होंने बताया कि वर्ष 2025-26 में एटीएफ पर वैट से दिल्ली सरकार को लगभग 1,368 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ, जो कुल वार्षिक वैट संग्रह का करीब 19 प्रतिशत है। इसके बावजूद सरकार ने उड्डयन और पर्यटन क्षेत्र को राहत देने के लिए यह कदम उठाया है।
रेखा गुप्ता ने कहा कि दिल्ली एयरपोर्ट देश का सबसे बड़ा एविएशन हब बना हुआ है। वर्ष 2024-25 में इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर लगभग 8 करोड़ यात्रियों की आवाजाही दर्ज की गई, जो देश में सबसे अधिक है। उन्होंने कहा कि दिल्ली सरकार उड्डयन, पर्यटन, व्यापार, लॉजिस्टिक्स और निवेश को बढ़ावा देने के लिए लगातार काम कर रही है और राष्ट्रीय राजधानी को देश का सबसे मजबूत आर्थिक एवं कनेक्टिविटी केंद्र बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है।





