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Mathura Heritage City Project: भूमि खरीद के लिए मुआवजा दर जल्द तय होगी, तीर्थयात्रियों को मिलेगा बड़ा लाभ

Mathura Heritage City Project: भूमि खरीद के लिए मुआवजा दर जल्द तय होगी, तीर्थयात्रियों को मिलेगा बड़ा लाभ

Mathura में प्रस्तावित हेरिटेज सिटी और पिलग्रिम गेटवे परियोजनाओं को लेकर बड़ी तैयारी चल रही है। Yamuna Expressway Industrial Development Authority (YEIDA) और मथुरा जिला प्रशासन के बीच हुई बैठक के बाद अब भूमि अधिग्रहण के लिए मुआवजा दर जल्द तय होने की उम्मीद है। अधिकारियों के अनुसार, एनएच-44 को Yamuna Expressway से जोड़ने वाली सड़क के लिए जो मुआवजा दर तय होगी, उसी के बराबर यीडा की परियोजनाओं के लिए भी किसानों को मुआवजा दिया जा सकता है।

जानकारी के मुताबिक, मथुरा में यीडा फेज-2 के तहत लगभग 753 एकड़ क्षेत्र में हेरिटेज सिटी परियोजना विकसित की जाएगी। यह परियोजना एनएचएआई की प्रस्तावित सड़क के दोनों ओर चरणबद्ध तरीके से तैयार होगी। पहले चरण में मथुरा और वृंदावन की सांस्कृतिक और धार्मिक विरासत को ध्यान में रखते हुए थीम पार्क, योग केंद्र, ध्यान केंद्र और प्राकृतिक चिकित्सा केंद्र जैसी सुविधाएं विकसित की जाएंगी।

इसके अलावा पिलग्रिम गेटवे परियोजना को भी प्राथमिकता दी जा रही है। इस परियोजना का उद्देश्य वृंदावन आने वाले श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधा देना और शहर में लगने वाले ट्रैफिक जाम को कम करना है। योजना के तहत यमुना नदी किनारे लगभग 17.5 हेक्टेयर क्षेत्र में बड़ी पार्किंग विकसित की जाएगी। यहां श्रद्धालु अपने वाहन पार्क कर सकेंगे और वहां से ई-वाहनों के जरिए Banke Bihari Temple तक पहुंचेंगे।

अधिकारियों के अनुसार, इस परियोजना को प्रस्तावित सस्पेंशन ब्रिज के जरिए यमुना नदी और एनएचएआई सड़क से जोड़ा जाएगा। सड़क निर्माण के लिए करीब 4.5 हेक्टेयर जमीन अधिग्रहित की जाएगी। पार्किंग क्षेत्र में दुकानें, कियोस्क, स्नान सुविधाएं और रेस्त्रां भी विकसित किए जाएंगे ताकि श्रद्धालुओं को बेहतर अनुभव मिल सके।

यीडा के एसीईओ Shailendra Bhatia ने बताया कि परियोजना की निविदा को अंतिम रूप दिया जा रहा है। जल्द ही इसे प्रदेश की निविदा मूल्यांकन समिति के सामने मंजूरी के लिए पेश किया जाएगा। चयनित डेवलपर को 70 वर्षों के लिए लाइसेंस दिए जाने की योजना है।

अधिकारियों का मानना है कि हेरिटेज सिटी और पिलग्रिम गेटवे परियोजना से न केवल धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि क्षेत्रीय विकास और रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे।

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