Noida Violence Case: श्रमिक प्रदर्शन में हुई हिंसा की होगी मजिस्ट्रियल जांच, जनता से मांगे गए सबूत

Noida Violence Case: श्रमिक प्रदर्शन में हुई हिंसा की होगी मजिस्ट्रियल जांच, जनता से मांगे गए सबूत
गौतम बुद्ध नगर में हाल ही में श्रमिकों और कामगारों के धरना-प्रदर्शनों के दौरान हुई हिंसक घटनाओं की अब मजिस्ट्रियल जांच कराई जाएगी। प्रशासन ने कानून-व्यवस्था पर पड़े प्रभाव और हिंसा की गंभीरता को देखते हुए यह फैसला लिया है। जांच के जरिए यह पता लगाया जाएगा कि प्रदर्शन हिंसक क्यों हुए और इसके पीछे किन लोगों या संगठनों की भूमिका थी।
अपर पुलिस आयुक्त मुख्यालय Ajay Kumar ने बताया कि 13 अप्रैल 2026 को थाना फेस-2 और थाना सेक्टर-63 क्षेत्र में श्रमिकों द्वारा किए गए धरना-प्रदर्शनों के दौरान स्थिति अचानक तनावपूर्ण हो गई थी। प्रदर्शन के दौरान हिंसा और हंगामे की घटनाएं सामने आईं, जिससे कानून-व्यवस्था प्रभावित हुई। हालात को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को हल्का बल प्रयोग भी करना पड़ा था।
प्रशासन ने अब पूरे मामले की गहन मजिस्ट्रियल जांच के आदेश जारी कर दिए हैं। जांच में यह पता लगाया जाएगा कि आखिर किन कारणों से प्रदर्शन उग्र हुए और क्या किसी व्यक्ति या संगठन ने श्रमिकों को उकसाने का काम किया था। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी तरह निष्पक्ष तरीके से की जाएगी।
इस मामले में प्रशासन ने आम जनता से भी सहयोग की अपील की है। यदि किसी व्यक्ति के पास इन घटनाओं से संबंधित कोई जानकारी, वीडियो, ऑडियो, फोटो या अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य मौजूद हैं, तो वे प्रशासन को उपलब्ध करा सकते हैं।
अधिकारियों के अनुसार, लोग 15 मई 2026 तक अपने मौखिक, लिखित या इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य जमा कर सकते हैं। इसके लिए उन्हें कार्य दिवसों में पुलिस लाइन, गौतम बुद्ध नगर स्थित पुलिस उपायुक्त लाइन्स कार्यालय में सुबह 11 बजे से दोपहर 3 बजे के बीच उपस्थित होना होगा।
प्रशासन का कहना है कि इस जांच का उद्देश्य न केवल घटनाओं की सच्चाई सामने लाना है, बल्कि भविष्य में ऐसी हिंसक घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाना भी है। मामले को लेकर पुलिस और प्रशासन पूरी सतर्कता बरत रहे हैं।





