Greater Noida Sports: सिंथेटिक ट्रैक के अभाव में घास पर दौड़ने को मजबूर एथलीट्स, सुविधाओं की कमी बनी बड़ी चुनौती
Greater Noida Sports: सिंथेटिक ट्रैक के अभाव में घास पर दौड़ने को मजबूर एथलीट्स, सुविधाओं की कमी बनी बड़ी चुनौती
उत्तर प्रदेश के Greater Noida में खेल प्रतिभाओं की कमी नहीं है, लेकिन बुनियादी सुविधाओं के अभाव ने खिलाड़ियों का संघर्ष बढ़ा दिया है। राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक जीत चुके कई एथलीट्स आज भी बेहतर प्रशिक्षण सुविधाओं के लिए जूझ रहे हैं।
शहर में अब तक सिंथेटिक ट्रैक की व्यवस्था नहीं हो पाई है, जिसके चलते खिलाड़ियों को घास या असमान मैदानों पर ही अभ्यास करना पड़ रहा है। कई एथलीट्स को मजबूरी में बेहतर सुविधाओं के लिए Delhi या आसपास के जिलों का रुख करना पड़ता है, जिससे उनका समय और पैसा दोनों खर्च होता है।
ग्रेटर नोएडा में चार से पांच बड़े मैदान मौजूद होने के बावजूद उनकी स्थिति संतोषजनक नहीं बताई जा रही। कई जगहों पर घास के मैदान भी ठीक हालत में नहीं हैं, जिससे खिलाड़ियों को व्यवस्थित और प्रोफेशनल ट्रेनिंग नहीं मिल पा रही है। असमान सतह पर अभ्यास करने से खिलाड़ियों के प्रदर्शन पर भी असर पड़ता है और चोट का खतरा भी बढ़ जाता है।
कोच और खिलाड़ियों का कहना है कि अगर शहर में आधुनिक खेल सुविधाएं, खासकर सिंथेटिक ट्रैक विकसित किया जाए, तो यहां से और भी बेहतर एथलीट्स निकल सकते हैं। उनका मानना है कि सही इंफ्रास्ट्रक्चर मिलने पर जिले के खिलाड़ी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शानदार प्रदर्शन कर सकते हैं।
खिलाड़ियों ने सरकार और प्रशासन से मांग की है कि खेल बुनियादी ढांचे को प्राथमिकता दी जाए, ताकि उभरती प्रतिभाओं को बेहतर मंच मिल सके और उन्हें अपने ही शहर में विश्वस्तरीय प्रशिक्षण उपलब्ध हो सके।





