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Loan agreement rules India: लोन एग्रीमेंट पर साइन के बाद बदली शर्तें मान्य नहीं, उपभोक्ता आयोग ने शिकायत खारिज की

Loan agreement rules India: लोन एग्रीमेंट पर साइन के बाद बदली शर्तें मान्य नहीं, उपभोक्ता आयोग ने शिकायत खारिज की

नोएडा में बैंक लोन से जुड़े एक मामले में जिला उपभोक्ता आयोग ने स्पष्ट किया है कि किसी भी ऋण एग्रीमेंट पर हस्ताक्षर करने के बाद उधारकर्ता को उसी में दर्ज शर्तों और ब्याज दर का पालन करना होगा। मौखिक तौर पर दी गई जानकारी या अलग से किए गए दावों को तभी माना जाएगा जब वे लिखित एग्रीमेंट में शामिल हों।

मामला सेक्टर-44 निवासी नेहा चौहान से जुड़ा है, जिन्होंने 22 अगस्त 2023 को AU Small Finance Bank से बाइक खरीदने के लिए दो लाख रुपये का लोन लिया था। उनका कहना था कि बैंक ने उन्हें 8.99 प्रतिशत ब्याज दर बताई थी। उन्होंने 60 हजार रुपये डाउन पेमेंट किया और लगभग 40 हजार रुपये की किस्तें भी जमा कीं।

हालांकि, जब वह बकाया राशि चुकाने के लिए सेक्टर-63 स्थित बैंक शाखा पहुंचीं, तो उन्हें 1.89 लाख रुपये का बकाया बताया गया। पूछताछ करने पर बैंक ने ब्याज दर 17.11 प्रतिशत बताई, जिससे वे हैरान रह गईं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि खाते में पर्याप्त बैलेंस होने के बावजूद किस्त नहीं काटी गई और 530 रुपये का बाउंस चार्ज भी लगा दिया गया।

इस मामले से परेशान होकर उन्होंने जिला उपभोक्ता आयोग में शिकायत दर्ज कराई। आयोग ने सभी दस्तावेजों और लोन स्टेटमेंट की जांच की, जिसमें स्पष्ट रूप से 17.11 प्रतिशत ब्याज दर दर्ज पाई गई। इसी आधार पर आयोग ने कहा कि उधारकर्ता द्वारा हस्ताक्षरित एग्रीमेंट ही अंतिम और मान्य दस्तावेज होता है।

आयोग ने यह भी माना कि जब ग्राहक ने दस्तावेजों पर हस्ताक्षर कर दिए, तो यह माना जाएगा कि उन्होंने सभी शर्तों को पढ़कर और समझकर स्वीकार किया है। इसलिए बाद में कम ब्याज दर बताए जाने का दावा स्वीकार नहीं किया जा सकता।

यह फैसला सभी लोन लेने वालों के लिए एक महत्वपूर्ण सीख है कि किसी भी बैंक या वित्तीय संस्था से ऋण लेते समय दस्तावेजों को ध्यान से पढ़ें और ब्याज दर, शुल्क और अन्य शर्तों को अच्छी तरह समझ लें, ताकि भविष्य में किसी तरह की परेशानी से बचा जा सके।

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संवाददाता

Priyanka Singh

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