
India Japan health Partnership: भारत-जापान स्वास्थ्य साझेदारी को नई रफ्तार, नई दिल्ली में तीसरी संयुक्त समिति बैठक संपन्न
नई दिल्ली में भारत और जापान के बीच स्वास्थ्य क्षेत्र में सहयोग को एक नई दिशा और मजबूती मिली है। राजधानी के भारत मंडपम में आयोजित तीसरी संयुक्त समिति की बैठक ने दोनों देशों के रिश्तों को और गहरा करने का रास्ता साफ किया। इस अहम बैठक की सह-अध्यक्षता केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री Jagat Prakash Nadda और जापान की स्वास्थ्य नीति मंत्री Kimi Onoda ने की।
बैठक के दौरान दोनों देशों ने स्वास्थ्य सेवाओं को सशक्त बनाने, तकनीकी नवाचार को बढ़ावा देने और आम नागरिकों तक बेहतर और सुलभ इलाज पहुंचाने पर जोर दिया। जगत प्रकाश नड्डा ने कहा कि भारत-जापान सहयोग का मुख्य उद्देश्य एक मजबूत स्वास्थ्य प्रणाली विकसित करना है, जिसमें बेहतर पहुंच, आधुनिक तकनीक और नवाचार के जरिए नागरिकों को उच्च गुणवत्ता की स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकें। उन्होंने ‘सबका साथ, सबका विकास’ के सिद्धांत के तहत समावेशी विकास की प्रतिबद्धता भी दोहराई।
चर्चा के दौरान कई अहम मुद्दों पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया। इनमें गैर-संचारी रोगों की रोकथाम, दवाओं और मेडिकल उपकरणों की सप्लाई चेन को मजबूत करना, डिजिटल हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर को विकसित करना और स्वास्थ्य कर्मियों के प्रशिक्षण को बेहतर बनाना शामिल रहा। भारत ने Ayushman Bharat Digital Mission के तहत अपनी डिजिटल स्वास्थ्य प्रणाली में हुई प्रगति को साझा किया, जिससे स्वास्थ्य सेवाओं को डिजिटल माध्यम से अधिक प्रभावी बनाया जा रहा है।
वहीं जापान ने स्वास्थ्य क्षेत्र में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और उन्नत तकनीकों के उपयोग को बढ़ाने पर जोर दिया और इस दिशा में भारत के साथ सहयोग को और विस्तार देने की इच्छा जताई। दोनों देशों ने इस बात पर सहमति जताई कि तकनीकी साझेदारी और ज्ञान के आदान-प्रदान से स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता को और बेहतर किया जा सकता है।
बैठक सकारात्मक माहौल में समाप्त हुई, जहां दोनों देशों ने भविष्य में स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक मजबूत, सुलभ और प्रभावी बनाने के लिए अपनी साझेदारी को और गहरा करने का संकल्प लिया। यह सहयोग आने वाले समय में दोनों देशों के नागरिकों के लिए बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।





