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Indian Navy Chief Visit: कोच्चि में दक्षिणी नौसैनिक कमान की तैयारी का जायजा, INS गरुड़ पर गार्ड ऑफ ऑनर

Indian Navy Chief Visit: कोच्चि में दक्षिणी नौसैनिक कमान की तैयारी का जायजा, INS गरुड़ पर गार्ड ऑफ ऑनर

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भारतीय नौसेना प्रमुख दिनेश के त्रिपाठी दक्षिणी नौसैनिक कमान की ऑपरेशनल तैयारियों का आकलन करने के लिए कोच्चि पहुंचे, जहां आईएनएस गरुड़ पर उन्हें औपचारिक गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। तीन दिवसीय दौरे के दौरान उन्होंने नौसेना की युद्धक क्षमता, संचार व्यवस्था और पूर्व सैनिकों के कल्याण से जुड़े विभिन्न पहलुओं की व्यापक समीक्षा की। इस दौरान उनके साथ शशि त्रिपाठी भी मौजूद रहीं।

दौरे के दौरान नौसेना प्रमुख ने अधिकारियों, नाविकों और रक्षा कर्मियों से संवाद स्थापित करते हुए ‘फायरसाइड चैट’ में हिस्सा लिया और उनके अनुभव व सुझाव सुने। इसके बाद उन्होंने आईएनएस द्रोणाचार्य में ‘लक्ष्य’ कम्पोजिट इनडोर शूटिंग रेंज का निरीक्षण किया, जहां आधुनिक छोटे हथियारों की फायरिंग का प्रदर्शन भी देखा। इस दौरान उन्होंने नई तकनीकों और प्रशिक्षण प्रणाली की सराहना की।

नौसेना प्रमुख ने सैनिकों के लिए विकसित बुनियादी ढांचे को भी बढ़ावा देते हुए ‘विजेंद्र-2’ नामक मैरिड एकोमोडेशन प्रोजेक्ट का उद्घाटन किया, जिसमें 96 आवासीय इकाइयां शामिल हैं। यह परियोजना नौसेना कर्मियों और उनके परिवारों के लिए बेहतर जीवन सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

इसके अलावा उन्होंने नेवी फाउंडेशन की 33वीं गवर्निंग काउंसिल बैठक की अध्यक्षता की, जिसमें पूर्व सैनिकों के कल्याण से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की गई। इस अवसर पर समाज में उल्लेखनीय योगदान देने वाले सात पूर्व नौसैनिकों को सम्मानित भी किया गया।

अपने दौरे के दौरान नौसेना प्रमुख ने वार्षिक कम्युनिकेशन कॉन्फ्रेंस में भी भाग लिया, जिसमें सेवारत और सेवानिवृत्त संचार विशेषज्ञों ने हिस्सा लिया। सम्मेलन में आधुनिक कम्युनिकेशन सिस्टम और इलेक्ट्रॉनिक वारफेयर की भविष्य की रणनीतियों पर विस्तार से चर्चा की गई। उन्होंने सिग्नल स्कूल का दौरा कर ‘बहादुर कविना हॉल’ नामक मोटिवेशन हॉल-कम-म्यूजियम का उद्घाटन भी किया, जहां नौसैनिक संचार प्रणाली के विकास की झलक प्रस्तुत की गई है।

यह दौरा भारतीय नौसेना की आधुनिक क्षमताओं, प्रशिक्षण ढांचे और सैनिकों के कल्याण के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है। साथ ही यह सुनिश्चित करता है कि दक्षिणी नौसैनिक कमान भविष्य की चुनौतियों के लिए पूरी तरह तैयार रहे।

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