Liver Health Warning: शराब और एनर्जी ड्रिंक का खतरनाक कॉकटेल, युवाओं के लिए बड़ा खतरा

Liver Health Warning: शराब और एनर्जी ड्रिंक का खतरनाक कॉकटेल, युवाओं के लिए बड़ा खतरा
नई दिल्ली, 19 अप्रैल: राजधानी के AIIMS Delhi में आयोजित ‘डॉक टॉक्स’ सीरीज के दौरान विशेषज्ञों ने युवाओं में तेजी से बढ़ते एक खतरनाक ट्रेंड को लेकर गंभीर चेतावनी दी है। गैस्ट्रोएंटरोलॉजिस्ट डॉ. शालीमार ने कहा कि शराब के साथ एनर्जी ड्रिंक मिलाकर पीना आजकल युवाओं में आम होता जा रहा है, लेकिन यह लिवर के लिए बेहद नुकसानदायक साबित हो सकता है। इस आदत के कारण कम उम्र में ही गंभीर लिवर रोगों के मामले तेजी से सामने आ रहे हैं।
विशेषज्ञों डॉ. अभिदीप चौधरी और डॉ. नीरव गोयल ने बताया कि अब 20 से 30 वर्ष के युवा उन बीमारियों के साथ अस्पताल पहुंच रहे हैं, जो पहले आमतौर पर अधिक उम्र के लोगों में देखी जाती थीं। डॉक्टरों के अनुसार लिवर शरीर का एक महत्वपूर्ण अंग है, जो डिटॉक्सिफिकेशन का काम करता है, लेकिन खराब जीवनशैली, प्रोसेस्ड फूड, अधिक शुगर वाले पेय और शराब के बढ़ते सेवन से इसकी कार्यक्षमता तेजी से प्रभावित हो रही है।
क्लीनिकल आंकड़ों और ऑब्जर्वेशन में सामने आया है कि नियमित रूप से एनर्जी ड्रिंक का सेवन करने वाले युवाओं में एक्यूट हेपेटाइटिस और लिवर में सूजन के मामले बढ़ रहे हैं। इसके साथ ही 20-30 साल के युवाओं में नॉन-अल्कोहलिक फैटी लिवर डिजीज के मामले 25 से 30 प्रतिशत तक पहुंच चुके हैं, जो एक चिंताजनक संकेत है। डॉक्टरों का मानना है कि यह समस्या आने वाले समय में और गंभीर रूप ले सकती है यदि समय रहते सावधानी नहीं बरती गई।
विशेषज्ञों ने समझाया कि एनर्जी ड्रिंक में मौजूद कैफीन व्यक्ति को अलर्ट और सक्रिय महसूस कराता है, जबकि शराब शरीर को सुस्त बनाती है। जब दोनों का एक साथ सेवन किया जाता है, तो व्यक्ति को नशा कम महसूस होता है और वह सामान्य से अधिक शराब पी लेता है। इस स्थिति में लिवर पर अचानक दोहरा दबाव पड़ता है—एक ओर उसे शराब को डिटॉक्स करना पड़ता है और दूसरी ओर एनर्जी ड्रिंक में मौजूद केमिकल्स को प्रोसेस करना पड़ता है। इससे लिवर की कोशिकाएं तेजी से क्षतिग्रस्त होने लगती हैं और आगे चलकर सिरोसिस या लिवर फेलियर जैसी गंभीर बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है।
डॉक्टरों ने सलाह दी है कि शराब और एनर्जी ड्रिंक का संयोजन पूरी तरह से टालना चाहिए। यदि शराब का सेवन किया भी जाए तो उसे सीमित मात्रा में रखें और बीच-बीच में पर्याप्त पानी पीते रहें। विशेषज्ञों का कहना है कि यह ‘खतरनाक कॉकटेल’ धीरे-धीरे युवाओं के स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचा रहा है, इसलिए जागरूकता और संयम ही इससे बचने का सबसे प्रभावी उपाय है।





