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Uttar Pradesh : हापुड़ में बंदरों का आतंक जारी, महिला पर हमले से दहशत बढ़ी

Hapur News : हापुड़ में बंदरों का आतंक थमने का नाम नहीं ले रहा है। आए दिन हमलों की घटनाएं सामने आ रही हैं, जिससे शहरवासियों में भय का माहौल बना हुआ है। नगर पालिका और प्रशासन इस गंभीर समस्या का अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं निकाल पाए हैं, जिसके चलते लोगों में आक्रोश लगातार बढ़ता जा रहा है।

दरअसल, बुधवार को एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुई। जहां मोहल्ला लक्ष्मणपुरा की लक्ष्मण गली कोठी गेट में एक और चिंताजनक घटना सामने आई।मोहल्ला निवासी हिमाद्री रोहिल्ला अपने घर के गेट पर खड़ी थीं। इसी दौरान अचानक बंदरों का एक बड़ा झुंड वहां पहुंचा और उन पर हमला कर दिया। बंदरों ने महिला को काट लिया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गईं और मौके पर अफरा-तफरी मच गई।

घटना के समय महिला की चीख-पुकार सुनकर आसपास के लोग तुरंत मौके पर पहुंचे और लाठी-डंडों की मदद से किसी तरह बंदरों को खदेड़ा। इसके बाद घायल महिला को तुरंत नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया। पूरी घटना पास में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई, जिसका वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है और लोगों के बीच गुस्सा बढ़ा रहा है।

यह पहला मामला नहीं है, इससे पहले भी इसी मोहल्ले में भाजपा नेता प्रवीण सेठी पर बंदरों के झुंड ने हमला कर उन्हें घायल कर दिया था। उन्होंने नगर पालिका से तुरंत कार्रवाई की मांग करते हुए बंदरों को पकड़ने या शहर से बाहर ले जाने की बात कही है। साथ ही चेतावनी दी है कि यदि जल्द कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया तो मोहल्ले के लोग धरना-प्रदर्शन करने को मजबूर होंगे।

लक्ष्मणपुरा सहित शहर के कई इलाकों में बंदरों का आतंक लगातार बढ़ रहा है। लोग घरों से बाहर निकलने में डर महसूस कर रहे हैं, खासकर महिलाएं, बच्चे और बुजुर्ग इस समस्या से सबसे ज्यादा प्रभावित हैं। बंदर घरों की छतों पर पहुंचकर सामान फेंकते हैं, खाने-पीने की चीजों को नुकसान पहुंचाते हैं और अचानक हमला कर लोगों को घायल कर देते हैं।

स्थानीय निवासियों का आरोप है कि नगर पालिका की ओर से बंदरों पर नियंत्रण पाने के लिए कोई प्रभावी कदम नहीं उठाए जा रहे हैं। कई बार शिकायतों के बावजूद स्थिति जस की तस बनी हुई है। ताजा घटना ने एक बार फिर प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल खड़े कर दिए हैं और नागरिकों ने मांग की है कि जल्द से जल्द बंदरों को पकड़ने और उन्हें सुरक्षित स्थान पर छोड़ने की व्यवस्था की जाए, ताकि आम लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।

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